टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देश के मिडिल क्लास परिवारों की जेब को बड़ा झटका लगा है. घरेलू रसोई गैस में14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है और नई कीमतें 7 मार्च से लागू कर दी गई हैं.
इस बढ़ोतरी का असर मिडिल क्लास और छोटे परिवारों पर सबसे ज्यादा पड़ा है, जो हर महीने घरेलू गैस पर काफी खर्च करते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह महंगाई का झटका ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. खासकर ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है, जिससे एलपीजी समेत अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है.
सरकार ने हालांकि एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं. शुक्रवार को देश की सभी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए, जिसमें सरकारी और निजी दोनों रिफाइनरियां शामिल हैं. इसका मकसद है कि घरेलू आपूर्ति प्रभावित न हो और आम जनता को गैस उपलब्ध होती रहे.
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी भरोसा दिलाया है कि फिलहाल भारत को कोई ऊर्जा संकट नहीं झेलना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद देश के पास पर्याप्त एलपीजी, पेट्रोलियम और गैस का भंडार मौजूद है. तेल कंपनियां संभावित आपूर्ति बाधाओं से बचने के लिए गल्फ क्षेत्र और अन्य देशों से आयात कर रही हैं.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, एलपीजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक रखा गया है ताकि ऊर्जा की आपूर्ति में कोई रुकावट न आए. इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता और वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है.
इस बार दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है. आम लोगों को यह बढ़ोतरी सीधे अपने बजट पर असर डाल रही है और मिडिल क्लास के लिए यह महंगाई का एक बड़ा झटका साबित हो रहा है.
