टीएनपी डेस्क (TNP DESK): राज्य में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की लाभुकों के लिए बड़ी खबर है. दरअसल इन दिनों राज्य में योजना की लाभुकों के साथ इन दिनों सत्यापन के नाम पर वसूली हो रही है, जिसका शिकार लाभुक महिलायें बनती जा रही हैं. मामला झारखंड के कई जिलों से सामने आया है जहां महिलाओं से सत्यापन के नाम पर रुपयों की वसूली हो रही है.
दरअसल गिरीडीह जिले के जमुआ प्रखंड स्थित तेलमकरी आंगनबाड़ी केंद्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. केंद्र की सेविका रोशन आरा पर मंईयां सम्मान योजना के सत्यापन के नाम पर महिलाओं से अवैध वसूली करने का आरोप लगा है. आरोप है कि फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के बदले प्रत्येक लाभुक महिला से 200 रुपये की मांग की जा रही थी.
इस पूरे मामले से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. हालांकि, वायरल वीडियो की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन स्थानीय लोग इसे गंभीर मामला बताते हुए जांच की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता और सम्मान देने के उद्देश्य से योजनाएं चला रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ कर्मी इसका गलत फायदा उठा रहे हैं. लोगों का कहना है कि बिना पैसे दिए फॉर्म पर सिग्नेचर नहीं किए जा रहे थे, जिससे कई महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था.
वायरल वीडियो में कथित तौर पर पैसे लेने की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है. इसके बाद विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो इस मामले में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं. मामले के तूल पकड़ने के बाद स्थानीय लोगों ने संबंधित सेविका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि गरीब महिलाओं के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हालांकि, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और लोग अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं.
वहीं ऐसा ही एक मामल पलामू के हुसैनाबाद से भी सामने आया है जहां भी सत्यापन के नाम लाभुक महिलाओं से पैसे वसूले जा रहे थे. यहाँ भी आंगनबाड़ी सेविका सत्यापन के नाम मनमाने पैसे की डिमांड कर रही थी, जिसकी शिकायत SDO से की गई है.
बताते चलें कि अब राज्य में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की वैसी लाभुकों का सत्यापन नहीं होगा जिनके खाते में मार्च महीने की राशि भेजी जा चुकी है. वहीं वैसी महिलायें जिनके खाते में बीते माह यानि की मार्च के महीने में योजना की किश्त भेजी जा चुकी है, उनका सत्यापन नहीं होगा. इसके अलावा वैसी महिलायें जिन्हें मार्च महीने की राशि नहीं मिली हैं, उनके सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. जारी शेड्यूल के तहत यह प्रक्रिया हो रही है और अपात्र लाभुकों का नाम भी काटा जाएगा. बताते चलें कि राज्य में मौजूद समय में 56 लाख महिलायें हैं जिन्हें मंईयां योजना का लाभ मिल रहा है. ऐसे में सत्यापन की प्रक्रिया से यह देखा जाएगा की जिन मंईयांओं को इसका लाभ मिल रहा है वह सचमुच लाभ पाने के पात्र हैं या नहीं.