TNP DESK-देशभर में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। सरकारी तेल कंपनियां इन दिनों कई ग्राहकों को SMS भेजकर उनकी गैस सब्सिडी को लेकर अलर्ट कर रही हैं. मैसेज में साफ कहा गया है कि यदि किसी उपभोक्ता या उसके परिवार की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से ज्यादा पाई जाती है, तो उसकी एलपीजी सब्सिडी बंद की जा सकती है.
यह संदेश सरकारी तेल कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum की ओर से भेजे जा रहे हैं. कंपनियां उपभोक्ताओं को आय संबंधी जानकारी की जांच के लिए सतर्क कर रही हैं.
मैसेज में बताया जा रहा है कि आयकर विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित उपभोक्ता की आय तय सीमा से अधिक दिखाई दे रही है. ऐसे मामलों में ग्राहकों को 7 दिनों के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करने या शिकायत दर्ज कराने का मौका दिया जा रहा है. यदि तय समय में कोई जवाब नहीं मिलता, तो सब्सिडी रोकने की कार्रवाई की जा सकती है.
सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गैस सब्सिडी का फायदा केवल जरूरतमंद और पात्र लोगों तक पहुंचे. इसी के तहत अब एलपीजी उपभोक्ताओं के डेटा का मिलान आयकर रिकॉर्ड से किया जा रहा है. इससे यह पता लगाया जा रहा है कि कौन लोग सब्सिडी के पात्र हैं और कौन नहीं.
दरअसल, 10 लाख रुपये से अधिक सालाना आय वाले परिवारों को एलपीजी सब्सिडी नहीं देने का नियम कई साल पहले लागू किया गया था. शुरुआत में सरकार ने लोगों से स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी, लेकिन अब तकनीकी जांच और डेटा वेरिफिकेशन के जरिए इस प्रक्रिया को और सख्त किया जा रहा है.
यदि किसी उपभोक्ता को ऐसा संदेश मिलता है और उसे लगता है कि जानकारी गलत है, तो वह तुरंत शिकायत दर्ज करा सकता है. इसके लिए टोल फ्री नंबर 1800-2333-555 जारी किया गया है. इसके अलावा संबंधित तेल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी अपनी शिकायत या जानकारी अपडेट की जा सकती है.
अगर किसी ग्राहक की सब्सिडी बंद होती है, तो उसकी गैस सेवा प्रभावित नहीं होगी. उपभोक्ता को सिलेंडर पहले की तरह मिलता रहेगा, लेकिन उसे बाजार कीमत पर खरीदना होगा. यानी सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि अब बैंक खाते में ट्रांसफर नहीं की जाएगी.