धनबाद (DHANBAD): धनबाद के हर चौक-चौराहे पर एक ही चर्चा है कि कुख्यात प्रिंस खान गिरोह का "थिंक टैंक" सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी से पुलिस को जांच में कैसे मदद मिलेगी? कैसे गैंग के स्लीपर सेल की करतूत सामने आएगी? इसके साथ ही यह भी चर्चा है कि उसकी गिरफ्तारी से गैंग के स्लीपर सेल में अधिक बेचैनी क्यों है? सूत्र बता रहे हैं कि जैसे ही सैफी की गिरफ्तारी की खबर सामने आई, लुक छिपकर गैंग से वास्ता रखने वालों की परेशानी बढ़ गई है. यह तो खुलासा हो चुका है कि खुद के फायदे के लिए कई लोग प्रिंस खान के संपर्क में रहे है. इसका खुलासा समय-समय पर पुलिस की गोपनीय रिपोर्ट से भी हुई है.
2021 में प्रिंस खान के साथ भागा था दुबई
अब सैफी स्लीपर सेल की कुंडली खोलेगा और पुलिस कार्रवाई करेगी. रविवार को तो धनबाद, बंगाल और केंद्रीय एजेंसियों ने कोलकाता में उससे पूछताछ की है. अब कोर्ट से आदेश लेकर उसे धनबाद लाया जा सकता है. सूत्र बताते हैं कि प्रिंस खान गैंग को धार देने में सैफी की बड़ी भूमिका रही है. धनबाद से दो डीएसपी के नेतृत्व में टीम कोलकाता में थी. एयरपोर्ट पर ही उसे अरेस्ट कर लिया गया. सैफी पर धनबाद जिले में 15 मामले दर्ज हैं, जबकि 25 से अधिक मामलो में अनुसंधान के दौरान उसका नाम आया है. बताते हैं कि 2021 में प्रिंस खान के साथ ही सैफी भी दुबई भाग गया था. दुबई में वह प्रिंस खान गिरोह को भी मदद करता था. सूत्र बता रहे हैं कि दुबई में काम करने वाले भारतीय मजदूर से वह वहां की करेंसी दिरहम ले लेता था और रंगदारी से प्राप्त रुपए को मजदूरों के यहां रह रहे परिजनों को भिजवा देता था.
प्रिंस गिरोह में सैफी की हैसियत क्यों थी नंबर तीन की
जानकारी के अनुसार पुलिस ने 62 बैंक खातों को चिन्हित किया था. जिसमें सैफी के कहने पर दुबई में दिरहम लेकर इन खाता धारकों के बैंक अकाउंट में पैसा भेजा गया था. पुलिस ने सभी खाता धारकों से पूछताछ भी की थी. पुलिस को खाता धारकों ने बताया था कि उनके परिजन दुबई में काम करते हैं और सैफी के कहने पर ही दिरहम देकर देश में रुपए ट्रांसफर कराये गए थे. सैफी हवाला के जरिए भी रंगदारी की रकम दुबई तक मंगवाता था. जानकार बताते हैं कि गिरोह में सैफी की हैसियत नंबर 3 की थी. वह धनबाद के अंग्रेजी स्कूल में दसवीं तक की पढ़ाई की थी. इस गिरफ्तारी में धनबाद पुलिस की बड़ी भूमिका रही. धनबाद पुलिस की यह बहुत बड़ी सफलता कही जा रही है. ऐसे तो इसके पहले भी कई मेजर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लेकिन अब असली मेजर धनबाद पुलिस की पकड़ में आया है.