टीएनपी डेस्क(TNP DESK): मिडिल ईस्ट मैं तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बहुत ज्यादा इजाफा देखने को मिल रहा है, अब इसका असर पूरे दुनिया पर पढ़ रहा है खास कर की एविएशन सेक्टर पर. जेट फ्यूल यानी कि ATF महंगा होने के कारण एयरलाइन कंपनियों के प्रॉफिट पर असर देखा जा रहा है.
इसी बीच Air India अपने फ्लाइट ऑपरेशन में कटौती करने की तैयारी कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी जून और जुलाई के दौरान अपनी निर्धारित इंटरनेशनल उड़ानों की संख्या कम कर सकती है. अंदरूनी जानकारी के अनुसार, कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स अब घाटे का सौदा बन चुके हैं.कंपनी के सीईओ Campbell Wilson ने संकेत दिया है कि बढ़ती लागत के चलते यह फैसला लेना जरूरी हो गया है. जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से ऑपरेशन लागत काफी बढ़ गई है, जिससे कई फ्लाइट्स लाभदायक नहीं रह गई हैं.
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं. खासकर Strait of Hormuz में तनाव और Iran–United States के बीच बढ़ते टकराव ने कच्चे तेल की सप्लाई को प्रभावित किया है. इसके कारण वैश्विक स्तर पर फ्यूल की कीमतों में उछाल आया है.
इसी बीच सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय जेट फ्यूल की कीमतों में करीब 5% की बढ़ोतरी भी की गई है, जिससे एयरलाइंस पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है. करेंसी एक्सचेंज रेट्स में उतार-चढ़ाव और कुछ एयरस्पेस के बंद होने जैसी चुनौतियां भी ऑपरेशन को प्रभावित कर रही हैं.
इन सभी कारणों के चलते एयर इंडिया अब अपने नेटवर्क को संतुलित करने की रणनीति पर काम कर रही है. कंपनी ने अपने कर्मचारियों से इस मुश्किल दौर में सहयोग और एकजुटता बनाए रखने की अपील भी की है.