पटना(PATNA): बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह के इस्तीफे के बाद बिहार में राजनीति भी तेज हो गई है. महागठबंधन की सरकार में आरजेडी कोटे से मंत्री बने सुधाकर सिंह ने भ्रष्टाचार को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. सुधाकर सिंह ने खुले मंच से अपने विभाग के अधिकारियों को चोर कहा था और खुद को चोरों का सरकार बताया था. कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इस बात को लेकर टोकने पर सुधाकर सिंह कैबिनेट की बैठक से उठकर चले गए थे. सुधाकर सिंह के इस्तीफे की पुष्टि उनके पिता और राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने की. जगदानंद सिंह ने कहा कि महागठबंधन सरकार में तकरार ना बढ़ें इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया है.
“नीतीश कुमार कभी भी नहीं चाहेंगे कि अफसरों के खिलाफ कोई बोले”
वहीं सुधाकर सिंह के इस्तीफे के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल का बड़ा बयान है. उन्होंने कहा कि अगस्त महीने में यूरिया का लूट हो रही थी, जिसे लेकर सुधाकर सिंह ने आवाज उठाई थी. नीतीश सरकार में अफसरशाही का बोलबाला है. नीतीश कुमार कभी भी नहीं चाहेंगे कि अफसरों के खिलाफ कोई बोले. संजय जायसवाल ने कहा कि यह गठबंधन केवल सुविधा का गठबंधन है, जिसमें बिहार की जनता पीस रही है. एक तरफ जहां इन्वेस्टर मीट होता है. वहीं दूसरी ओर बिहार में कई तरह की आपराधिक घटनाएं होती है.
उपेन्द्र कुशवाहा ने मर्यादा बनाए रखने की बात कही
सुधाकर सिंह के इस्तीफे के बाद जेडीयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया है, ये उनके पिता और आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने बता दिया है कि सरकार में मतभेद ना बढ़े, सरकार अच्छे से चले, इसलिए सुधाकर सिंह ने इस्तीफा दिया है. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मर्यादा सबको रखनी चाहिए. मर्यादा में नही रहेंगे तो सबको नुकसान होगा. बीजेपी के बयान पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बौखलाहट में बीजेपी कुछ भी बोलेगी. हमलोग साथ थे तो बहुत अच्छे थे.
“नीतीश कुमार की और फजीहत होना बाकी है”
वहीं बीजेपी नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने सुधाकर सिंह के इस्तीफे पर महागठबंधन सरकार पार हमला बोलते हुए कहा कि 2 माह में बिहार सरकार का दूसरा विकेट गिरा. अभी नीतीश कुमार की और फजीहत होना बाकी है. यह लड़ाई अब जगता बाबू बनाम नीतीश कुमार की लड़ाई में बदल गई है. उन्होंने कहा कि अगला विकेट जगता बाबू का भी हो सकता है.
