बक्सर : जिले के एकमात्र इमरजेंसी सदर अस्पताल में लूज मोशन से पीड़ित महिला की इंजेक्शन दिए जाने के बाद मौत हो गई. इस घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने देर रात जमकर हंगामा किया. रात करीब 1 बजे से शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा सुबह 9 बजे प्राथमिकी दर्ज होने के बाद समाप्त हुआ. इस दौरान बक्सर–कोचस स्टेट हाईवे करीब 5 किलोमीटर तक जाम रहा.
उल्टी और दस्त की थी शिकायत
जानकारी के अनुसार राजपुर थाना क्षेत्र के तियरा गांव निवासी राजेश कुमार सिंह अपनी 27 वर्षीय पत्नी देवंती देवी को सोमवार देर रात करीब 11 बजे सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे. उनकी पत्नी को अचानक उल्टी और लगातार दस्त की शिकायत थी. इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर सरस्वती चंद्र मिश्रा ने प्राथमिक जांच के बाद पर्ची लिखकर स्टाफ को दी.
इंजेक्शन लगाने से बिगड़ी थी हालत
परिजनों का आरोप है कि पर्ची के अनुसार पहले एक इंजेक्शन लगाया गया और कुछ देर बाद दूसरा इंजेक्शन भी दिया गया। इसके बाद महिला की हालत और बिगड़ गई. परिजनों का कहना है कि गंभीर स्थिति के बावजूद डॉक्टर ने दोबारा ठीक से जांच नहीं की और मरीज को कहीं और ले जाने की सलाह दे दी. इसी बीच महिला की मौत हो गई.
मृतका के पति राजेश कुमार सिंह ने रोते हुए बताया कि उनके तीन छोटे बच्चे हैं और पत्नी की मौत पूरी तरह डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है. उन्होंने कहा कि अगर समय पर सही इलाज मिलता तो उनकी पत्नी की जान बच सकती थी.
सासाराम-बक्सर मुख्य मार्ग रहा बाधित
महिला की मौत के बाद परिजन उग्र हो गए और सासाराम-बक्सर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। अस्पताल के स्ट्रेचर, पास की दुकानों के बेंच और अन्य सामान सड़क पर रखकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया गया। अस्पताल परिसर और आसपास का इलाका घंटों तनावपूर्ण बना रहा.
घटना के बाद यह भी आरोप लगा कि ड्यूटी पर तैनात कई स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक अस्पताल छोड़कर चले गए. बताया जाता है कि 15 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड में अक्सर केवल एक डॉक्टर और एक स्वास्थ्यकर्मी की ही ड्यूटी रहती है जिससे आए दिन विवाद और हंगामे की स्थिति बनती रहती है.
दोषियों पर कार्रवाई का दिया गया आश्वासन
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद परिजनों को समझाया गया और सुबह प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जाम समाप्त कराया गया. मामले की जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.
