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शादी की अनोखी परंपरा, नाचते-गाते झुंड में यहां लड़कियां ढूंढ लेती हैं अपना दुल्हा

BY -
Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: May 17, 2026, 1:58:34 PM

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): भारत को विश्व गुरु कहा जाता है.यहां की धार्मिक परंपराएं, शादी-विवाह और त्योहार बेहद रंग-बिरंगे और अनोखे होते है. हर जाति, धर्म और समुदाय में शादी-विवाह की अलग-अलग रस्में निभाई जाती है, जो अपने आप में काफी खास होती है.वहीं अगर आदिवासी समुदाय की बात करें तो इनके समाज में कई ऐसी परंपराएं, त्योहार और विवाह रस्में देखने को मिलती है जो जाति, धर्म और लिंग के भेदभाव के बंधन को तोड़ती है.आज हम आदिवासी समुदाय की एक ऐसी ही पुरानी लेकिन आधुनिक सोच को दर्शाने वाली परंपरा की बात करेंगे, जहां लड़कियों को अपने पसंद का दूल्हा चुनने का अधिकार दिया जाता है.

नाचते-गाते झुंड में यहां लड़कियां ढूंढ लेती है अपना दुल्हा

इस परंपरा की सबसे खास बात यह है कि यहां विवाह का पूरा माहौल किसी बड़े सांस्कृतिक उत्सव जैसा होता है. ढोल-नगाड़ों की थाप, पारंपरिक नृत्य और गीत-संगीत के बीच पूरा गांव एक साथ इकट्ठा होता है. इस दौरान युवक और युवतियां एक-दूसरे को खुलकर देखने और समझने का अवसर पाते है.यहां विवाह का आधार आपसी पसंद और सहमति होता है.अगर किसी लड़की को कोई युवक पसंद आ जाता है, तो वह उसे अपने जीवनसाथी के रूप में चुनने की स्वतंत्रता रखती है.इसी तरह लड़के भी अपनी पसंद व्यक्त कर सकते है. दोनों की सहमति के बाद ही आगे की सामाजिक प्रक्रिया पूरी की जाती है.

किसी प्रकार का दबाव या जबरदस्ती नहीं होती

इस परंपरा की एक विशेषता यह भी है कि इसमे किसी प्रकार का दबाव या जबरदस्ती नहीं होती. न तो परिवार की ओर से और न ही समाज की ओर से कोई ऐसा दबाव डाला जाता है जिससे व्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो.यही कारण है कि यह परंपरा आपसी सम्मान और स्वतंत्रता का प्रतीक मानी जाती है.स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सिर्फ शादी की रस्म नहीं है, बल्कि एक सामाजिक उत्सव है, जिसमें रिश्तों की शुरुआत खुशी, विश्वास और सामूहिक भागीदारी के साथ होती है.नाच-गाना और उत्सव का माहौल इस प्रक्रिया को और भी खास बना देता है.

यह परंपरा एक अलग उदाहरण प्रस्तुत करती है

आज के समय में जहां कई जगहों पर विवाह को लेकर जटिलताएं और पारिवारिक दबाव देखने को मिलता है, वहीं यह परंपरा एक अलग उदाहरण प्रस्तुत करती है. यह दिखाती है कि रिश्ते जब आपसी समझ और सहमति पर आधारित होते है, तो वे अधिक मजबूत और स्थायी बनते है.

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