टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड में कई ऐसे निजी स्कूल हैं जिनका बोलबाला सिर्फ राज्य में ही नहीं बल्कि देश में भी सुनने को मिलता है. पर जब बात सरकारी स्कूलों की आती है तो लोग सोच में पड़ जाते हैं की आखिर सरकारी स्कूल में क्या सुविधाएँ मिलेंगी, वहाँ कैसी पढ़ाई होगी और तो और बच्चों के भविष्य की चिंता भी लोगों को अक्सर रहती है. पर क्या आप जानते हैं की हमारे अपने राज्य में भी निजी के साथ साथ ऐसे सरकारी स्कूल भी हैं जिन्होंने हर पायदान पर अपने नाम को साबित कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई है. झारखंड की गोद में बसा नेतरहाट आवासीय विद्यालय, राज्य का एक ऐसा स्कूल है जहां अगर आपके बच्चे ने एडमिशन ले लिया तो आपको उनके करियर की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है.
नेतरहाट आवासीय विद्यालय की स्थापना साल 1954 में हुई थी और इसे “छोटानागपुर का ईटन” भी कहा जाता है. यह स्कूल लातेहार जिले के खूबसूरत पहाड़ी क्षेत्र नेतरहाट में स्थित है, जहां का प्राकृतिक वातावरण पढ़ाई के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है. यहां छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं दी जाती, बल्कि उन्हें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सर्वांगीण विकास की दिशा में भी तैयार किया जाता है.
इस विद्यालय में दाखिला लेना आसान नहीं होता. हर साल कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच प्रवेश परीक्षा के माध्यम से सीमित सीटों पर ही छात्रों का चयन किया जाता है. यहां की सबसे बड़ी खासियत है कि छात्रों को फ्री में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, हॉस्टल, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं.
नेतरहाट स्कूल का रिजल्ट और प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी काफी शानदार रहा है. यहां से पढ़े कई छात्र देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIT, IIM और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में चयनित होते हैं. इसके अलावा कई छात्र प्रशासनिक सेवाओं और अन्य उच्च पदों पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं.
कुल मिलाकर, नेतरहाट आवासीय विद्यालय एक ऐसा सरकारी स्कूल है, जहां दाखिला मिलना किसी बड़े अवसर से कम नहीं माना जाता. यहां पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य मजबूत नींव पर तैयार होता है, जिससे अभिभावकों की करियर को लेकर चिंता काफी हद तक खत्म हो जाती है.