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रेप के 74 फीसदी मामले झूठे, देखिये कैसे आरोप लगाने वाली महिला पर कोर्ट ने ठोका 10 हजार का जुर्माना

BY -
Devendra Kumar CW
Devendra Kumar CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 12:25:53 AM

टीएनपी डेस्क (TNP DESK)- देश में जिस तेजी से रेप के आरोप लगाये जाते हैं, उस अनुपात में आरोपियों को सजा नहीं मिल पाती, लेकिन इसका एक बड़ा कारण रेप के झूठे दावे होते हैं, कई बार तो सिर्फ गर्भपात की अनुमति हासिल करने लिए भी रेप के मामले दायर कर दिये जाते हैं, हालांकि कई बार परिजनों का दवाब और कोर्ट कचहरी की दुरुह प्रक्रिया के कारण भी रेप पीड़िता लड़ाई छोड़ जाती है और कई बार आरोपी से ही शादी रचा अपनी नयी जिंदगी की शुरुआत करती है.

परिजनों के दवाब में दर्ज किया जाता है रेप का मामला

लेकिन इस बीच राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 74 फीसदी रेप के दावे झूठे होते हैं. मजे की बात यह है कि चालीस फीसदी मामले वैसे है, जहां प्रेम के बाद प्रेमी प्रेमिका घर छोड़ भाग खड़े होते हैं, लेकिन परिजनों के द्वारा अपरहण का मामला दर्ज करवाने के बाद पुलिस प्रेमी युगल जोड़ियों की खोज शुरु कर देती है, और जैसे ही लड़की की बरामदगी होती है, परिजनों और सामाजिक दवाब में लड़की अपना बयान बदल लेती है और इसकी कीमत लड़का रेप आरोपी के पहचान के साथ चुकाता है, लड़की की एक वादाखिलाफी से लड़के के कैरियर दागदार हो जाता है, जबकि दोनों के बीच का शारीरिक संबंध आपसी सहमति का नतीजा होता है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाया 10 हजार का जुर्माना

ऐसे ही एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महिला पर 10 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है, दरअसल लड़की के आरोप पर लड़के के विरुद्ध रेप का मुकदमा दायर किया गया था, इधर कोर्ट न्यायिक प्रक्रिया की शुरुआत करती है, मामले की जांच को रफ्तार दी जाती है, और उधर दोनों राजी खुशी शादी कर जिंदगी का आनन्द ले रहे थें. कोर्ट ने पाया कि महिला के द्वारा आरोपी के विरुद्ध झूठा मुकदमा दायर किया गया था, दरअसल यह कहानी है शिवम कुमार पाल बनाम स्टेट का, कोर्ट ने अपने फैसले में कहा  है कि अपने  व्यक्तिगत मामले का समधान के लिए किसी को भी आपराधिक न्याय प्रक्रिया का दुरुपयोग की इजाजत नहीं दी जा सकती. साफ है कि इस फैसले के बाद रेप का झूठा आरोप लगाने के पहले एक बार गंभीरता से  विचार कर लेना चाहिए, क्योंकि यह मामला उलटा भी पड़ सकता है.  खास कर आजकल इसका विशेष ट्रेंड देखा जा रहा है, आपसी रिश्तों में जरा सी खटास आयी कि महिला तुरंत निकटवर्ती थाने में रेप का मुकदमा दायर करवा देती है, उसके लिए यह महज अपने पुरुष पार्टनर को सबक सीखाने का एक हथियार होता है.

Tags:74 percent of rape cases are falsecourt imposed a fine of 10 thousand on the woman who made the allegationsइलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाया 10 हजार का जुर्मानाrape victim

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