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झारखंड पॉलिटिक्स के 24 घंटे : जब अपने ही फैसलों से फंसते नजर आए सीएम! क्यों छुपने के लिए मजबूर हुए हेमंत सोरेन

झारखंड पॉलिटिक्स के 24 घंटे : जब अपने ही फैसलों से फंसते नजर आए सीएम! क्यों छुपने के लिए मजबूर हुए हेमंत सोरेन

रांची(RANCHI : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने ही फैसलों से मुश्किल में फंसते हुए नजर आ रहे हैं. जिसका असर राज्य में बीते 24 घंटों में दिखना शुरू हो गया है. मिली जानकारी के अनुसार सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं के भी संपर्क में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नहीं हैं. हेमंत सोरेन के मामले में सत्तारूढ़ पार्टी के नेता भी खुल नहीं बोल पा रहे हैं. मंत्री, विधायक से पूछने पर भी गोलमटोल जवाब मिल रहा है. मीडिया जब इसके बारे में पूछती है तो सत्तारूढ़ पार्टी के नेता सीधे-सीधे बीजेपी पर आरोप लगा रही है. 

क्या सीएम से हो गई चूक

बीते 24 घंटे में झारखंड का सियासी पारा भी बढ़ गया है. पक्ष-विपक्ष की ओर से आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है. अब सवाल उठता है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहां चूक हो गई? ईडी की सामान्य पूछताछ एकाएक हाईवोल्टेज कैसे हो गया? कथित जमीन घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभी तक जो भी प्रक्रियाएं चल रही थी वो सामान्य थी. 20 जनवरी को सीएम आवास पर ईडी ने हेमंत सोरेन से पूछताछ की थी. सवाल ये भी उठ रहा है कि जब राजभवन में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से सीएम हेमंत की बैठक थी तो वे मीटिंग को छोड़ कर दिल्ली क्यों गए. मिली जानकारी के अनुसार जब सीएम दिल्ली गए तो उनके साथ कोई नेता, अधिकारी नहीं थे. ये भी बड़ा संस्पेस मामला है. सूत्रों से जो जानकारी आयी है उसमें कहा गया है कि दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 28 जनवरी की शाम को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मुलाकात करनी थी, लेकिन वहां भी वे नहीं पहुंचे. इसके बाद 29 जनवरी को ईडी की टीम सुबह में दिल्ली और रांची में सीएम हेमंत के आवास पर पहुंची. जब वहां भी हेमंत सोरेन नहीं मिले तो राजनीति बयानबाजी शुरू हो गई. बीजेपी ने तो यहां तक कह दिया कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गायब हो गए.

क्या सीएम हेमंत बैड एडवायस के हो गए शिकार

बीते दो दिनों की घटनाक्रम से संवैधानिक संकट राज्य में उत्पन्न हो गया है. लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं. सत्तारुढ़ पार्टी के नेता भी गोल-मोटल जवाब देते हुए दिख रहे हैं. किसी के पास मुख्यमंत्री की सही जानकारी नहीं है. इस मामले पर विपक्ष सवाल उठाना शुरू कर दिया है. बीजेपी सत्तारुढ़ पार्टी से कह रही है मुख्यमंत्री की जानकारी राज्यवासियों को दें. जानकारी नहीं मिलने से राज्य में संवैधानिक संकट उत्पन्न हो जाएगा. वहीं बीजेपी के नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के गायब होने का मामला अरगोड़ा थाना में दर्ज कराया है. विपक्ष का कहना है कि सीएम हेमंत गलत सलाह के शिकार हो गए हैं. उनको किसी गलत सलाह दी जिसके कारण ये स्थिति उत्पन्न हुई है.

सीएम हेमंत ने ईडी की कार्रवाई को बताया पॉलिटिकल एजेंडा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर देवव्रत झा को मेल के जरिए पत्र भेजा है. जिसमें कहा है कि आपकी ओर से की जा रही कार्रवाई पॉलिटिकल एजेंडा के तहत राज्य की सरकार के कामकाज को बाधित करने और निर्वाचित जनप्रतिनिधि को उसकी ऑफिशियल ड्यूटी से रोकने की दुर्भावनापूर्ण कोशिश है. ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर को सीएम ने लिखा है कि आप भलीभांति अवगत हैं कि 2 फरवरी से 29 फरवरी के बीच विधानसभा का बजट सत्र आयोजित होना है, जिसकी तैयारी को लेकर मेरी व्यस्तता है. इसके बावजूद 31 जनवरी या उसके पहले उनका बयान दर्ज करने के लिए जोर दिए जाने से आपका पॉलिटिकल एजेंडा उजागर हो गया है. ये समन कानून की ओर से दी गई शक्तियों का दुरुपयोग और पूरी तरह उन्हें परेशान करने की कार्रवाई है.

 रिपोर्ट: संजीव ठाकुर 

Published at:30 Jan 2024 03:19 PM (IST)
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