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18 या 19 सितंबर, कब है गणेश चतुर्थी? कन्फ्यूजन करें दूर, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि   

BY -
Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 7:32:54 AM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश पूजा मनाया जाता है. वहीं साल 2023 में 19 सितंबर को मनाया जाएगा. पुराणों के मुताबिक इसी दिन भगवान श्री गणेश की उत्पत्ति हुई थी.जिसकी वजह से ये पर्व मनाया जाता है. इस दिन लोग घर में भगवान की पूजा पाठ तो करते है ही है, साथ ही पूजा पंडाल बनाकर भी श्री गणेश जी की जाती है. 

18 या 19 सितंबर, कब है गणेश चतुर्थी?

इस बार दो दिन चतुर्थी तिथि होने की वजह से लोगों के मन में आशंका बनी हुई, कुछ लोग 18, तो कुछ लोग 19 सितंबर को गणेश पूजा मनाने की बात कर रहे हैं. जिसकी वजह से लोगों के मन में कंफ्यूजन है कि आखिर वो किस दिन गणेश चतुर्थी मनायें, तो वो कन्फ्यूजन आज हम इस आर्टिकल के जरिए दूर कर देंगे.

कन्फ्यूजन करें दूर

आपको बता दे की भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 18 सितंबर सोमवार की सुबह 12 बजकर 40 मिनट से शुरू होकर 19 सितंबर की दोपहर 1 बजकर 45 मिनट तक रहेगी, लेकिन चतुर्थी तिथि का सूर्योदय 19 सितंबर को होगा, इसलिए मंगलवार को ही गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा और गणेश जी की पूजा की जाएगी.

19 सितंबर की सुबह उठकर क्या करें 

वही यदि आप इस तरह से भगवान श्री गणेश जी की पूजा करते हैं तो आपको शुभ फल प्राप्त होंगे. इसमें सबसे पहले 19 सितंबर की सुबह उठकरअच्छे से स्नान करें इसके बाद व्रत पूजा का संकल्प लें, घर के जिस भी स्थान पर आप पूजा करना चाहते है, उसको अच्छे से साफ करने के बाद गंगाजल से शुद्ध कर लें. और पूजा की चौकी पर भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित करें.ध्यान रहे कि मिट्टी की प्रतिमा का ज्यादा महत्व माना जाता है, लेकिन भक्त अपनी इक्छानुसार किसी भी धातु की प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं.वहीं प्रतिमा स्थापित करने के बाद पूजा में उपयोग आने वाली सामग्रियों को लाकर रखें और शुभ मुहूर्त में पूजा करें.

जानें शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि 

 सबसे पहले शुद्ध घी का दिया जलाएं, श्रीगणेश  के पास ही जल से भरा एक कलश स्थापित करें, इसके ऊपर स्वास्तिक बनाएं और नारियल रखें. कलश के मुख पर मौली यानी पूजा का धागा भी बांधें. इसके बाद एक-एक कर सारे पूजा की सामग्री चढ़ाएं. सबसे अंत में अपनी इच्छा अनुसार श्री गणेश को भोग लगायें और कपूर आरती करें. इस तरह यदि आप पूजा करते हैं तो भगवान गणेश आपसे जरूर प्रसन्न होते हैं. वहीं स्थापना के बाद 10 दिनों तक प्रतिदिन श्री गणेश जी की पूजा करते रहे. इस तरह यदि आप पूजा करते हैं तो भगवान गणेश आपसे जरूर प्रसन्न होते हैं.

ये है गणेश स्थापना के शुभ मूहर्त

सुबह 9 बजकर 18 मिनट से 10 बजकर 49 मिनट तक
सुबह 10 बजकर 49 मिनट से 12 बजकर 21 मिनट तक
दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से 1 बजकर 52 मिनट तक

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