✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Trending

मोदी वाले बयान के लिए दीपक प्रकाश और संजय सेठ ने सुबोधकांत को घेरा, जानिये किसने क्या कहा

BY -
Shahroz Quamar
Shahroz Quamar
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 19, 2026, 10:49:56 AM

रांची (RANCHI): कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय के एक बयान से भाजपा के खेमे में बहुत अधिक नाराजगी देखी जा रही है। दरअसल सुबोधकांत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना हिटलर से कर दी है। कहा कि उनकी मौत भी हिटलर के समान ही होगी। अजा वो जंतर-मंतर दिल्ली में अग्निपथ योजना के विरोध में आयोजित कांग्रेस के सत्याग्रह कार्यक्रम में बोल रहे थे। जिसमें कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिटलर के रास्ते चल रहे हैं. लगता है कि हिटलर का सारा इतिहास इन्होंने पार कर लिया है. हिटलर ने भी एक ऐसी संस्था बनायी थी जिसका नाम था खाकी. सेना के बीच में उसने बनाया था. उसी राह पर मोदी चल पड़े हैं. 

 

दीपक प्रकाश ने सबसे पहले जतलाया एतराज़ 

सुबोधकांत के बयान के बाद झारखण्ड भाजपा के अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने सबसे पहले सख्त एतराज जतलाया. कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जननेता हैं. वह सिर्फ भाजपा के नहीं पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं. जिस तरह से कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगा कर लोकतंत्र की हत्या की थी, उसी तरह की बात कांग्रेस के नेता आज कर रहे हैं. हिटलर तो वो लोग थे जिन्होंने देश में आपातकाल लगाया था. कांग्रेस मरणासन स्थिति में है. उसके नेता ऐसे बयान देकर खुद अपनी मौत स्वीकार कर रहे हैं.

शाम में रांची सांसद का आया बयान

शाम मेंं रांची के सांसद संजय सेठ का बयान आया. उन्होंने सुबोधकांत के बयान को कांग्रेस का मानसिक दिवालियापन बताया. कहा कि लोकतंत्र में आप किसी योजना का विरोध करिए. व्यक्ति का विरोध करिए. सरकार का विरोध करिए, लोकतंत्र में यह अधिकार है आपको.  परंतु योजना का विरोध करते करते, विरोध के नाम पर देश को जलाने का काम तो मत करिए. जनता को उकसाने का काम तो मत करिए. सत्ता से बाहर रहने का मतलब यह तो नहीं कि आप देश ही जलाने लगिए। प्रधानमंत्री के मौत की कामना करिए। ओछी बात करिए. सांसद ने कहा कि यही कांग्रेस का चरित्र है. रस्सी जल गई लेकिन ऐंठन नहीं गई.

अब इसे पढ़िये:

जानिये आखिर सुबोधकांत सहाय ने प्रधानमंत्री के विरुद्ध क्या कह दिया कि हो गया बवाल

 

 

Tags:News

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.