टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे की 5 जून को प्रस्तावित अयोध्या यात्रा न केवल भाजपा को बल्कि भगवा पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को भी विभाजित कर रही है. बिहार में भाजपा के गठबंधन सहयोगी जदयू ने राज ठाकरे की अयोध्या जैसे पवित्र शहर की यात्रा का विरोध करने का फैसला किया है और उत्तर भारतीयों पर अपने रुख के लिए उनसे माफी की मांग की है. जेडीयू के प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि हम(जदयू) राज ठाकरे की अयोध्या यात्रा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हम उत्तर भारतीयों के प्रति उनके भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ हैं. महाराष्ट्र में हुई प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तर भारत के छात्रों को बैठने की अनुमति नहीं थी. मनसे कार्यकर्ताओं ने उनकी पिटाई की. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले में दखल भी दिया था. महाराष्ट्र में देश के इस हिस्से के टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों और छोटे व्यापारियों को ठाकरे के समर्थकों द्वारा पीटा और परेशान किया जाता है.
राज ठाकरे उत्तर भारतीयों से मांगे माफी
त्यागी ने आगे कहा कि राज ठाकरे को सॉरी बोलना चाहिए और यह भी स्वीकार करना चाहिए कि वह गलत रास्ते पर थे, नहीं तो वह अयोध्या कैसे जा सकते हैं? वह उत्तर भारतीयों के दुश्मन नंबर 1 हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या ठाकरे के खिलाफ जदयू का रुख भाजपा के साथ पार्टी के संबंधों को प्रभावित करेगा, इस पर केसी त्यागी ने कहा कि समय-समय पर एनडीए राज ठाकरे की राजनीति के ब्रांड का विरोध करता रहा है. उन्होंने ठाकरे की 5 जून की अयोध्या यात्रा के खिलाफ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के विरोध का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ठाकरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. इस विरोध में जदयू बृजभूषण शरण सिंह का समर्थन कर रही है. हम भाजपा से भी अनुरोध करते हैं कि वह ठाकरे के साथ न दिखें.
