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Apple की तर्ज पर Google ने भी प्लेस्टोर के लिए लॉन्च किए Privacy Sets, यूजर्स को मिलेगा इसका लाभ

BY -
Prakash Tiwary
Prakash Tiwary
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 5:54:48 PM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): Google ने Apple को फॉलो करते हुए अपने प्लेस्टोर में भी privacy से जुड़े कुछ सेट्स लॉन्च किए हैं. इस नए फीचर के तहत अब एप से जुड़े और भी अधिक जानकारी डेवलपर्स से मांगी जाएगी, जिसमें डवेलपर्स को बताना होगा कि ऐप्स कैसे यूजर्स के डेटा को कलेक्ट, शेयर और सिक्युर करते हैं. कंपनी ने अपने एक स्टेट्मेन्ट में कहा कि 28 अप्रैल से यूजर्स Google Play में data safety section देखना शुरू कर देंगे और ये phase rollout वहां से तब तक जारी रहेगा जब तक कि फ़ोन और वेब पर सभी Play यूजर्स डेवलपर्स द्वारा अपलोड किए गए सभी लेबल नहीं देख पाते. कंपनी ने एक बयान में कहा कि डेवलपर्स को अपने ऐप्स के लिए इस सेक्शन को 20 जुलाई तक पूरा करना होगा.

data safety section से मिलेगी यूजर्स को कई जानकारी

कंपनी ने ये भी बताया कि ऐप की functionality में अगर कोई भी अपडेट, या उसके डेटा हैंडलिंग practices में बदलाव किया जाता है तो ऐप के Data safety section में उसकी झलक दिखनी बहुत जरूरी है. यह नया section यूजर्स को बतायेगा कि क्या कोई ऐप डेटा कलेक्ट कर रहा है और उसे और ऐप की सिक्युरिटी प्रैक्टिस जैसे, ट्रांज़िट में डेटा का एन्क्रिप्शन को किसी थर्ड पार्टी के साथ शेयर कर रहा है? और ये यूजर्स को ये भी बताएगा कि क्या यूजर्स डेटा को हटाने के लिए कह सकते हैं? यह यह भी दिखाएगा कि क्या किसी ऐप ने Play Store में Google की child protection policies का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध किया है या नहीं. यूजर्स यह भी देख सकते हैं कि ऐप को काम करने के लिए इस डेटा की आवश्यकता है या यह डेटा कलेक्शन सिर्फ optional है.

पिछले साल ही google ने की थी घोषणा

Google Play पर ऐप प्राइवेसी लेबल पेश करने की कंपनी की योजना की घोषणा सबसे पहले पिछले साल के मध्य में की गई थी, जब Apple ने दिसंबर, 2020 में अपने ऐप स्टोर पर प्राइवेसी लेबल पेश किया था. अब जबकि Google और Apple लेबल से पता चलता है कि ऐप्स कैसे डेटा और यूजर प्राइवेसी  को कलेक्ट और मैनेज करते हैं, इन दोनों में कुछ अंतर हैं. Apple का प्राइवेसी लेबल इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि कौन सा डेटा कलेक्ट किया जा रहा है, जिसमें ad tracking उद्देश्यों के लिए उपयोग किया गया डेटा भी शामिल है, और वे यूजर्स को सूचित करते हैं कि उनसे क्या लिंक हुआ है.

एप्पल पर झूठी जानकारी देने का लगा है आरोप

ऐप स्टोर में ऐप्स ad ट्रैकिंग के लिए यूजर्स की अनुमति का अनुरोध करते हैं और सहमति देने से ऐप्स को अन्य कंपनियों के ऐप्स और वेबसाइटों पर यूजर्स के ऐक्टिविटी को ट्रैक करने की अनुमति मिल जाएगी. Google के लेबल इस बात पर ध्यान केंद्रित करते हैं कि क्या यूजर्स अपने द्वारा कलेक्ट किए जाने वाले global data security standards का खुलासा करने की अनुमति देकर कलेक्ट किए गए डेटा पर भरोसा कर सकते हैं और क्या वे थर्ड पार्टी के साथ डेटा साझा कर रहे हैं. हालांकि, Apple के ऐप गोपनीयता लेबल पर पहले से ही झूठी और अविश्वसनीय जानकारी प्रदान करने का आरोप लगाया गया है. कुछ ऐप का दावा है कि उन्होंने कोई डेटा कलेक्ट नहीं किया है और इसे साझा करते हुए पाया गया है.

 

Tags:News

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