टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : वित्तीय वर्ष 2023 की पहली पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ में गिरावट और महंगाई में वृद्धि का अनुमान किया है. आरबीआई ने FY23 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 7.8% से घटाकर 7.2% कर दिया है जबकि महंगाई दर का अनुमान 4.5% से बढ़ाकर 5.7% किया है. महंगाई के बारे में चिंता जताते हुए आरबीआई गवर्नर RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव और दुनिया में पॉलिटिकल टेंशन से अनिश्चितता उत्पन्न हुई है. इसी को देखते हुए, ग्रोथ और महंगाई का अनुमान जोखिम भरा हुआ है.
वित्तीय वर्ष 2023 की पहली पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में आरबीआई ने जताया अनुमान
बता दें कि आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक ऐसे समय पर हुई जब रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के चलते कच्चे तेल से लेकर मेटल के दामों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इसके कारण पूरी दुनिया में महंगाई बड़ी समस्या बनी हुई है. 2023 के वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के लिए आरबीआई ने महंगाई दर 6.3%, दूसरी तिमाही में 5%, तीसरी तिमाही में 5.4% और चौथी तिमाही में 5.1% रहने का अनुमान लगाया है. वहीं बता दें कि आरबीआई हर दो महीने पर पॉलिसी रिव्यू मीटिंग करता है. वित्तीय वर्ष 2023 के लिए यह पहली रिव्यू मीटिंग हो रही है, जो 6 अप्रैल को शुरू हुई थी.
रेपो रेट मे नहीं हुआ कोई बदलाव
वहीं आरबीआई की इस बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. आरबीआई ने रेपो रेट 4% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% रखा है. ये रेट पहले के जैसे ही जस का तस रखा गया है. ये लगातार 11 वीं बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. इसका साफ मतलब ये है कि ईएमआई पर अभी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. पिछली बार 22 मई 2020 को रेपो रेट में बदलाव हुआ था. तब से रेपो रेट 4% के ऐतिहासिक लो लेवल पर बना हुआ है. बता दें कि रेपो रेट वह रेट होता है जिस पर RBI से बैंकों को कर्ज मिलता है, जबकि रिवर्स रेपो रेट वह दर होती है जिस दर पर बैंकों को RBI के पास अपना पैसा रखने पर ब्याज मिलता है. इस पर आरबीआई गवर्नर ने कहा कि दरों को लेकर उदार रुख बरकरार रखा गया है.
