टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : प्रमुख यूक्रेनी शहरों में कठिन प्रतिरोध का सामना करते हुए, रूस ने अपने आक्रमण का अब तक का सबसे निराशाजनक आकलन दिया, जिसमें सेना के बढ़ते नुकसान की चर्चा कीहै. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मरने वालों की बढ़ती संख्या पर दुख जताया. कहा, हमें सैनिकों का महत्वपूर्ण नुकसान हुआ है, यह हमारे लिए बहुत बड़ी त्रासदी है.
रूसी नेताओं और कंपनियों पर व्यापक प्रतिबंध
मॉस्को की छह सप्ताह की लंबी घुसपैठ में 4 मिलियन से अधिक लोग विदेश भाग गए. हजारों मारे गए और घायल हुए. शहरों को मलबे में बदल दिया और रूसी नेताओं और कंपनियों पर व्यापक प्रतिबंध लगा दिए गए. एक प्रतीकात्मक कदम में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्तमान मानवाधिकारों और मानवीय संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से रूस को निलंबित कर दिया है. मास्को ने पहले स्वीकार किया है कि उनका हमला उतना जोरदार नहीं था जितना वह चाहते थे. प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तीन ने कहा कि अभूतपूर्व पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण रूस तीन दशकों से अपनी सबसे कठिन आर्थिक स्थिति का सामना कर रहा है. बुचा शहर में नागरिकों की हत्या और नए प्रतिबंधों के बाद, पश्चिम द्वारा युद्ध अपराधों के रूप में व्यापक रूप से निंदा की गई थी. वहीं यूक्रेन ने सहयोगियों से रूसी तेल और गैस की खरीदारी को बंद करने की अपील की थी.
रिपोर्ट: अशु शुक्ला, रांची
