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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए बढ़ी मुसीबत, सरकार की तीन सहयोगी पार्टियों ने थामा विपक्ष का दामन

BY -
Prakash Tiwary
Prakash Tiwary
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 10, 2026, 6:36:08 PM

टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ते जा रही है. विपक्ष ने सदन में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था. मगर, इसके ठीक बाद इमरान खान को बड़ा झटका लगा है. पाकिस्तान की सतारूढ़ सरकार के तीन प्रमुख सहयोगियों ने विपक्षी गठबंधन में शामिल होने का फैसला किया है.  

पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया ने बताया कि सत्तारूढ़ सरकार के तीन प्रमुख गठबंधन सहयोगी पार्टियां, मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी), पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद (पीएमएल-क्यू) और बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) ने विपक्ष के साथ खड़े होने का फैसला किया है. सूत्रों ने बताया कि सत्तासीन सरकार के तीनों सहयोगी जल्द (उम्मीद 25 मार्च तक) इमरान खान को सत्ता से बेदखल करने के अभियान में विपक्ष में शामिल होने की घोषणा करेंगे.

इमरान खान को करना पड़ रहा आंतरिक विद्रोह का सामना

इमरान खान की पार्टी को आंतरिक विद्रोह का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें नेशनल असेंबली (एमएनए) के कई सदस्य पीटीआई छोड़कर विपक्षी रैंक में शामिल हो गए हैं. इससे पहले, लगभग 24 सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने की घोषणा की और इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार से खुद को अलग कर लिया.

8 मार्च को हूआ था अविश्वास प्रस्ताव

पाकिस्तान में विपक्षी दलों ने 8 मार्च को नेशनल असेंबली सचिवालय में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जबकि पीटीआई सरकार ने अविश्वास प्रस्ताव को हराने के लिए विश्वास जताया है, विपक्ष को यकीन है कि वे इमरान खान को बाहर कर देंगे. इसके अलावा, इमरान खान ने विपक्ष को चेतावनी दी है कि उनका सत्ता से बेदखल होना, विपक्षी दलों के लिए ही अधिक खतरनाक होगा. उन्होंने अपना जनाधार या जो कुछ बचा है, उसे जुटाने के लिए 27 मार्च को राजधानी में एक रैली का भी आह्वान किया है. विशेष रूप से, 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में, इमरान खान सरकार को अविश्वास मत के माध्यम से कम से कम 172 सदस्यों की आवश्यकता होगी.

 

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