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न जनता की चिंता, न सरकार का डर! भौंरा में रातों-रात कटी करोड़ों की सड़क, फिर चर्चा में LB सिंह का रसूख

Ranchi Bureau
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Senior News Publisher • TheNewsPost.in

धनबाद (DHANBAD): धनबाद के भौंरा स्थित जहाजटांड़ बस्ती की एकमात्र मुख्य सड़क को रातों-रात काटे जाने का मामला अब झारखंड हाईकोर्ट पहुंच गया है. स्थानीय निवासी खेमलाल महतो ने जनहित याचिका दायर कर BCCL और आउटसोर्सिंग कंपनी मेसर्स देवप्रभा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि 21 अगस्त 2026 की रात करीब 11:30 बजे 100 से अधिक लोगों को लगाकर जहाजटांड़ को भौंरा बाजार से जोड़ने वाली सड़क काट दी गई.

रात के अंधेरे में कटी ग्रामीणों की मुख्य सड़क
याचिका के मुताबिक, सड़क कटने से जहाजटांड़ बस्ती के करीब 10 हजार ग्रामीणों के आवागमन पर संकट खड़ा हो गया है. यह सड़क वर्ष 2015 में करीब 1.65 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थी और इलाके के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग के तौर पर इस्तेमाल होती रही है. आरोप है कि सड़क काटने से पहले ग्रामीणों की सुविधा और वैकल्पिक मार्ग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई.

1.65 करोड़ की सड़क, वैकल्पिक मार्ग का वादा भी अधूरा
याचिका में कहा गया है कि BCCL की ओर से 2019 से 2023 के बीच चार बार वैकल्पिक पक्की सड़क बनाने का लिखित आश्वासन दिया गया था. हालांकि, आरोप है कि अब तक इस दिशा में ठोस काम नहीं हुआ. ऐसे में मुख्य सड़क काटे जाने के बाद ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है.

देवप्रभा कंपनी पर आरोप, LB सिंह का नाम फिर चर्चा में
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सड़क कटिंग के आरोपों के बीच देवप्रभा आउटसोर्सिंग कंपनी का नाम धनबाद के चर्चित कोयला कारोबारी LB सिंह से जोड़ा जा रहा है. इसी वजह से सड़क विवाद के साथ LB सिंह से जुड़े पुराने विवाद भी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. हालांकि, मौजूदा सड़क कटिंग मामले में अदालत के स्तर पर आरोपों की पुष्टि होना बाकी है.

पुराने विवादों को लेकर भी चर्चा
वर्ष 2019 में देवप्रभा आउटसोर्सिंग परियोजना में प्रदूषण का विरोध कर रहे लोगों पर गोलीबारी के मामले में LB सिंह और उनके भाई कुंभनाथ सिंह की गिरफ्तारी की खबर सामने आई थी. पुलिस ने दोनों से पूछताछ के लिए रिमांड भी लिया था. इसके अलावा वर्ष 2025 में LB सिंह से जुड़े ठिकानों पर ED की छापेमारी की रिपोर्ट सामने आई थी. बताया गया था कि यह कार्रवाई पुराने कोयला ओवर-रिपोर्टिंग और कोयला कारोबार से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में हुई थी. इसके बाद 2026 में अवैध कोयला खनन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ED के समन की खबर भी सामने आई. इन मामलों में LB सिंह की ओर से अपना पक्ष रखे जाने की बात भी सामने आई है.

हाईकोर्ट ने DC और BCCL CMD को सौंपी जांच
जहाजटांड़ सड़क मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई. अदालत ने धनबाद के उपायुक्त (DC) और BCCL के CMD को मौके का स्थल निरीक्षण कर पूरे मामले की जांच करने और रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कोयला खनन और आउटसोर्सिंग के नाम पर क्या हजारों ग्रामीणों की सुविधा और सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा सकता है. करोड़ों रुपये की लागत से बनी सार्वजनिक सड़क को इस तरह काटे जाने के आरोपों में आखिर जिम्मेदारी किसकी तय होगी, यह भी अहम सवाल है. फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जांच रिपोर्ट का इंतजार है. इसी रिपोर्ट से सड़क कटिंग की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.