टीएनपी डेस्क (TNP DESK): गर्मियों का मौसम हो और आम ना खाए ऐसा तो हो नहीं सकता. गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में आम की बहार आ जाती है. फलों का राजा कहे जाने वाले आम का इंतजार हर उम्र के लोग पूरे साल करते हैं. बच्चे हो या बूढ़े, हर वर्ग के लोगों को आम खाना बेहद पसंद है. देश के कई हिस्सों में इन दिनों अलग-अलग किस्म के आम बाजारों में खूब बिक रहे हैं. इनमें कुछ आम ऐसे हैं जिनका स्वाद तो लाजवाब होता ही है, लेकिन उनके नाम भी इतने अनोखे और मजेदार हैं कि पहली बार सुनने वाला मुस्कुराए बिना नहीं रह पाता. कई लोग तो इन नामों के पीछे की कहानी जानने के लिए उत्सुक हो जाते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही पांच आमों के बारे में, जिनके नाम जितने अलग हैं, उनका स्वाद उससे कहीं ज्यादा शानदार है.
तोतापरी आम
तोतापरी आम का नाम सुनते ही सबसे पहले तोते की तस्वीर दिमाग में आती है. दरअसल, इस आम का ऊपरी हिस्सा तोते की चोंच की तरह नुकीला होता है, इसलिए इसे तोतापरी कहा जाता है.
लंगड़ा आम
आम की सबसे लोकप्रिय किस्मों में शामिल लंगड़ा आम का नाम सुनकर अक्सर लोग हैरान के साथ अपनी हंसीं रोक नहीं पाते.
दशहरी आम
दशहरी आम का नाम सुनकर कई लोग इसे दशहरा पर्व से जोड़ देते हैं, लेकिन इसका नाम उत्तर प्रदेश के लखनऊ के पास स्थित दशहरी गांव पर रखा गया है, जहां इसकी सबसे पहले खेती की गई थी.
सफेदा आम
सफेदा आम का नाम सुनकर लगता है कि शायद इसका रंग सफेद होगा, लेकिन ऐसा नहीं है. इसका गूदा हल्का पीला, बेहद मुलायम और मीठा होता है.
चौसा आम
चौसा आम का नाम बिहार के बक्सर जिले के चौसा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. यह आम इतना रसदार होता है कि लोग इसे काटने के बजाय चूसकर खाना ज्यादा पसंद करते हैं.
आम के ये नाम भले ही पहली नजर में अजीब या मजेदार लगे, लेकिन इनके पीछे इतिहास, स्थान और विशेषताओं की दिलचस्प कहानियां छिपी हैं. स्वाद के मामले में ये सभी किस्में एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देती हैं. यही वजह है कि चंबल क्षेत्र समेत देशभर के बाजारों में इन आमों की खूब बिक्री हो रही है. लोग नाम सुनकर भले ही मुस्कुरा दें, लेकिन एक बार इनका स्वाद चखने के बाद इन्हें दोबारा खरीदने से खुद को रोक नहीं पाते. यही कारण है कि आम को आज भी फलों का निर्विवाद राजा कहा जाता है.
