☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • News Update
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. TNP Explainer

राज्य की छोटी मंईयां को हेमंत सरकार देगी एक और तोहफा, 12 लाख छात्राओं को फ्री में मिलेगी सेनेटरी नैपकिन

राज्य की छोटी मंईयां को हेमंत सरकार देगी एक और तोहफा, 12 लाख छात्राओं को फ्री में मिलेगी सेनेटरी नैपकिन

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): एक दौर था जब पीरियड्स को कई मिथक से जोड़ा जाता था. पर अब बच्चियों और महिलाओं के लिए पीरियड्स या महावारी से जुड़ी कई पुरानी परंपराओं को खत्म किया गया है. इन्हीं में से एक नियम यह भी था की महिलाओं और बच्चियों को महावारी के दौरान सेनेटरी नैपकिन की जगह कपड़ा इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती थी. हालांकि समय के साथ इन चीजों को लेकर जागरूकता फैली और अब सेनेटरी नैपकिन के इस्तेमाल पर खासा जोर दिया जा रहा है. इसी कड़ी में झारखंड की हेमंत सरकार भी राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की दिशा में कदम आगे बढ़ा रही है. प्रस्तावित योजना से करीब 12 से 13 लाख छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद है. 

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद सरकार ने इस पहल को लेकर गंभीरता दिखाते हुए नई योजना तैयार करने और बजट में आवश्यक राशि का प्रावधान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इससे करीबन 12 से 13 लाख बच्चियों को सहायता मिल सकेगी. 

इस योजना को लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों के बीच मंथन हुआ है. बैठक में सेनेटरी पैड की खरीद, गुणवत्ता, वितरण प्रणाली और निगरानी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. सरकार इस कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए यूनिसेफ के सहयोग की संभावना भी तलाश रही है. यूनिसेफ पहले से ही मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़े कई कार्यक्रम संचालित कर रहा है, जिनके अनुभव का लाभ झारखंड में लिया जा सकता है. इसके अलावा अन्य राज्यों में स्कूलों के माध्यम से सेनेटरी पैड वितरण की व्यवस्था और मॉडल का भी अध्ययन किया जा रहा है.

सरकार की योजना अगले शैक्षणिक सत्र से इसे लागू करने की है. प्रस्ताव के अनुसार कक्षा छह से 12वीं तक की छात्राओं को हर महीने पांच से छह सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जा सकते हैं, ताकि मासिक धर्म के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो.

फिलहाल झारखंड में सरकारी स्तर पर यह सुविधा केवल 203 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तक सीमित है. इन स्कूलों में छात्राओं को सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाते हैं, लेकिन राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों में ऐसी कोई व्यापक व्यवस्था नहीं है. नई योजना के लागू होने से यह सुविधा सभी सरकारी स्कूलों की छात्राओं तक पहुंच सकेगी.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड उपलब्ध कराएं और तीन महीने के भीतर इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करें.

इस पहल से किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार होगा, मासिक धर्म के दौरान संक्रमण का खतरा कम होगा, पीरियड्स के कारण स्कूल से अनुपस्थिति घटेगी और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी. साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं को राहत मिलेगी और मासिक धर्म को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी.

Published at: 10 Feb 2026 06:49 AM (IST)
Tags:hemant governmenthemant soren sarkarcm heamnt soren12 lakh girl students will get sanitary napkinsfree sanitary napkinsfree sanitary napkins distributedfree sanitary napkins for girlssnitary padfree sanitary padjharkhand government free sanitary padjharkhand government free sanitary pad schemejharkhand government free sanitary pad scheme launchedlatest newsjharkhand government free sanitary pad scheme launchbig newsviral newslatest updatetending newstop newsmaiyan yojnamaiyan samman yojanamaiyan samman yojnamaiyan samman yojana kistmaiyan yojna 17vi kistmaiyan yojana 18vi kist

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.