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आदिवासियों की अनोखी प्रथा,पेड़ों की रक्षा के लिए महिलाएं बांधती हैं राखी

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 11:05:48 AM

पूर्वी सिंहभूम(EAST SINGHBHUM)-रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है. भाई की कलाई में रेशम का धागा बांध कर बहन अपनी भाई की लंबी उम्र की दुआ करती है. वही भाई भी अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है. ठीक इसी तरह पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया के सुनसुनिया जंगल में साल के पेड़ों पर पद्मश्री जमुना टुटू ने वन रक्षा समितियों के साथ राखी बांध कर जीवन भर पेड़ों की रक्षा करने का संकल्प लिया है. जमुना टुडू बीते 25 सालों से पेडों की रक्षा करते आयी है. पेड़ों की रक्षा और ग्रामीणों को जागरूक करने के एवज में ही भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री के अवार्ड से सम्मानित किया है. रक्षा बंधन के दिन जमुना टुडू अपने वन महिला समितियों के साथ हर साल रक्षा बंधन के त्योहार पर पेड़ों पर राखी बांधती है. इस साल भी राखी बांध कर पेड़ों की रक्षा का संकल्प लिया गया, कोरोना के बावजूद इस साल यह उत्सव बड़े ही धूम धाम के साथ मनाया गया है.

आदिवासी परंपरा के साथ किया गया अतिथियों का स्वागत

हाथों में फूल से सजी थाली, ढोल नगाड़े और पूरे आदिवासी परंपरा के साथ समारोह के मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया. आयोजन की मुख्य अतिथि वन विभाग के डीएफओ ममता प्रियदर्शी रही. साथ ही कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में अंचलाधिकारी जयवंती देवगम उपस्थित थी.जिन्हें साल के पत्ते से बने टोपी पहनाते हुए पुष्प वर्षा के साथ स्वागत करते हुए जंगल के बीच आयोजित रक्षाबंधन के कार्यक्रम में लाया गया. सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण भी इस अवसर पर उपस्थित रहे. पद्मश्री जमुना टुडू और वन प्रबंधन एंव संरक्षण महासमिति जोहार भारत फाउंडेशन की ओर से सुनसुनिया साल जंगल में रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसके बाद मंच पर उपस्थित मुख्य अतिथि डीएफओ ममता प्रियदर्शी को जमुना टुडू ने पुष्पगुच्छ, पारंपरिक साडी, गमछा और तुलसी का पौधा देकर सम्मानित किया .वहीं विशिष्ट अतिथि सीओ जयवंती देवगम को पुष्पगुच्छ, साडी,गमछा और तुसली पौधा देकर सम्मानित किया.

 पेडों का भी किया गया तिलक, आरती उतारी गयी और फिर पेड़ पर बांधी गयी राखी

मौके पर जंगल में साल के पेड़ पर डीएफओ ममता प्रियदर्शी, सीओ जयवंती देवगम और जमुना टुडू समेत ग्रामीणों ने पेड़ों की पूजा पाठ की. एक भाई की तरह पेडों का भी तिलक किया गया, आरती उतारी गयी, पेड़ पर राखी बांधी गयी और उनका मुंह भी मीठा कराया गया. पेड़ों पर राखी बांधने के लिये सभी उत्साहित भी थे. जंगल के बीच में ही ढोल नगाड़े की थाप पर ममता प्रियदर्शी, सीओ जयवंती देवगम और जमुना टुडू समेत ग्रामीण महिलायें घंटो तक नाचते रहे. पेड़ पर राखी बांधने का नाजारा कुछ अलग ही थी. इस मौके पर चाकुलिया के सैकड़ों लोगों ने उपस्थित हो कर पेड़ की रक्षा करने का संकल्प लिया. इस मौके पर वन समिति की महिलाओं ने चाकुलिया रेंजर दिग्विजय सिंह, घाटशिला रेंजर, मुसाबनी रेंजर, थाना प्रभारी रंजीत उरांव, नगर अध्यक्ष संध्या रानी सरदार, उपाध्यक्ष सुमित लोधा, ज़िला परिषद सदस्य घाटशिला, देवयानी मुर्मू ,घाटशिला प्रखंड प्रमुख हीरामुनी मुर्मू समेत ग्रामीण महिलाओं ने मांदर और धमसा के धुन पर पाता नृत्य किया.

रिपोर्ट:प्रभंजन कुमार,घाटशिला

 

 

Tags:News

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