टीएनपी डेस्क (SPORTS): IPL में हर साल नए खिलाड़ी आते हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी भी होती हैं जो प्रदर्शन की नहीं, बल्कि संघर्ष और जुनून की होती हैं. सनराइजर्स हैदराबाद के लिए डेब्यू करने वाले प्रफुल्ल हिंगे की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसमें उन्होंने सिर्फ पहले ओवर में ही विकेट नहीं लिया, बल्कि सालों की मेहनत का जवाब बन गए.
राजस्थान के खिलाफ मैच में जब वे गेंदबाजी करने आए, तो किसी को नहीं पता था कि कुछ ही गेंदों में इतिहास बन जाएगा. सामने राजस्थान रॉयल्स की टीम थी, लेकिन पहले ही ओवर में उन्होंने मैच का पूरा रुख बदल दिया.
पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर उन्होंने वैभव सूर्यवंशी का विकेट चटकाया, थोड़ी ही देर में ध्रुव जुरेल को पवेलियन भेजा और देखते ही देखते उसी ओवर में तीसरा विकेट भी प्रिटोरियस का झटक लिया. IPL डेब्यू के पहले ही ओवर में तीन विकेट,यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि एक ऐलान था कि नया खिलाड़ी मैदान में आ चुका है, सबके छक्के छुड़ाने.
क्या आपको पता है, इस चमक और आत्मविश्वास के पीछे एक लंबा संघर्ष छुपा है. प्रफुल्ल हिंगे का सफर इतना आसान नहीं था. उनके पिता ने बेटे के क्रिकेट के सपने को पूरा करने के लिए अपना घर तक बेच दिया था. लगभग 21 लाख का घर गया, और धीरे-धीरे परिवार पर करीब 3 करोड़ तक का कर्ज चढ़ गया.
आस-पास के लोगों ने भी बहुत मज़ाक उड़ाया. कहते थे कि “क्रिकेट खेलकर क्या मिलेगा?” गरीबी थी, मुश्किलें थीं, लेकिन एक चीज थी जो कभी नहीं टूटी,उनका क्रिकेट खेलने का जुनून.
कई बार हालात ऐसे बने कि सपने छोड़ देना ही आसान लगता, लेकिन प्रफुल्ल ने हार नहीं मानी. उन्होंने हर एक ताने को चुनौती बनाया और हर मुश्किल को प्रोत्साहन में बदल दिया.
आज जब वही खिलाड़ी IPL जैसे बड़े मंच पर अपने पहले ही ओवर में तीन विकेट लेता है, तो यह सिर्फ एक कामयाबी नहीं होती, यह उन सभी लोगों के लिए जवाब होता है जिन्होंने कभी उस पर शक किया था.
इस शानदार प्रदर्शन का असर सिर्फ मैदान तक ही नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी हिंगे छा गए. उस दिन मैच से पहले जहां उनके इंस्टाग्राम पर करीब 2300 फॉलोअर्स थे, वहीं सिर्फ एक दिन के अंदर यह संख्या बढ़कर 5.43 लाख तक पहुंच गई. यह बदलाव दर्शाता है कि एक मैच कैसे किसी की पहचान को पूरी तरह बदल सकता है.
पूरे देश की नजर अब प्रफुल्ल हिंगे पर है. लोग जानना चाहते हैं कि यह खिलाड़ी आगे क्या करेगा, लेकिन एक बात साफ है,उन्होंने सिर्फ डेब्यू नहीं किया, बल्कि अपनी मौजूदगी का एहसास करा दिया है.