टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : शिक्षा सबसे ऊपर है और उससे भी सर्वोपरि है शिक्षा देने वाला शिक्षक. पर क्या हो जब शिक्षा देने वाला ही नीचता की सारी हदें पार कर दें और हैवानियत पर उतर आए. सुनकर अजीब जरूर लगेगा पर सच यही है की इस दुनिया में ऐसा भी एक इंसान था जिसने इतनी घिनौनी हरकतों को अंजाम दिया था और अपने पेशे तक को शर्मसार कर दिया था.
बात हो रही है अमेरिका के एपस्टीन फाइल्स की जो इन दिनों अमेरिका से लेकर देश विदेशों में चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल कहानी एक शिक्षक से जुड़ी है जिसे पहले अमीर बनने का शौकह चढ़ा. जल्दी पैसे कमाने की चाह में शिक्षण ने नाबालिक किशोरिओं की तस्करी शुरू कर दी. इन लड़कियों को वह शहर की चकाचौंध से दूर एक द्वीप बनाया जहां पहले नामचीनों का जमावड़ा लगता था. जैसे-जैसे समय बीता वैसे-वैसे द्वीप पर हजारों नाबालिकों की भीड़ जमा हो गई और उनके लिए जिस्म फरोशी रोजमर्रा की ज़िंदगी बन गई. साथ ही वेश्यावृत्ति रोज के काम की तरह हो गया था. समय के साथ साथ शिक्षक भी सेक्स अडिक्ट बन गया और कुछ हही दिनों में उसकी स्थिति इतनी बिगड़ गई की शिक्षक हर 2 घंटे में सं बनाने का आदि हो गया.
अब बात करते हैं आज के दौर की चर्चाओं की. हलही में अमेरिकी न्याय विभाग के लिए दिवंगत यौन अपराधी और फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से जुड़ी जांच फाइलों को सार्वजनिक करने की कानूनी समय सीमा पूरी हो चुकी है. बीते कई महीनों से “एपस्टीन फाइल्स” का मुद्दा अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रशासन के लिए लगातार चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है.
अब समझिए क्या हैं एपस्टीन फाइल्स
जेफरी एपस्टीन पहली बार 2008 में जांच के घेरे में आए थे, जब फ्लोरिडा में एक 14 वर्षीय लड़की के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत की थी कि एपस्टीन ने उनकी बेटी का यौन शोषण किया है. जांच के दौरान उनके घर से नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें मिलीं. बाद में उन्हें नाबालिग से वेश्यावृत्ति करवाने के मामले में दोषी ठहराया गया और यौन अपराधी के रूप में पंजीकृत किया गया. एक समझौते के तहत वे लंबी जेल सजा से बच गए.
करीब 11 साल बाद उन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और तस्करी का बड़ा आरोप लगा. मुकदमे की सुनवाई के दौरान जेल में ही उनकी मौत हो गई, जिसे आत्महत्या बताया गया.
इन दोनों मामलों की जांच के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज, गवाहों के बयान, पीड़ितों के इंटरव्यू और छापेमारी में जब्त सामान इकट्ठा किया गया. न्याय विभाग के अनुसार, एफबीआई के पास एपस्टीन से जुड़ा 300 गीगाबाइट से ज्यादा डेटा मौजूद है.
हालांकि, इनमें से कई फाइलें सार्वजनिक नहीं की जाएंगी क्योंकि उनमें पीड़ितों से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और अवैध बाल शोषण से संबंधित सामग्री शामिल है.
आगे क्या होगा
ऐसे में अब रिपब्लिकन नेताओं को आशंका है कि जांच के नाम पर फाइलों को जारी करने में देरी की जा सकती है. कुछ सांसदों का कहना है कि सरकार कई नई जांचें शुरू कर सकती है ताकि जानकारी सार्वजनिक न करनी पड़े. कुल मिलाकर, एपस्टीन फाइल्स को लेकर अमेरिका में राजनीतिक और कानूनी हलचल अभी खत्म होने वाली नहीं है.
