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कैसे बन जाता है एक साधारण युवा ड्रग्स पैडलर, जानिए शराब, ड्रग्स और सेक्स के कॉकटेल रेव पार्टी और उसका काला सच

BY -
Padma Sahay
Padma Sahay
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 6:26:15 AM

रांची (RANCHI): युवाओं में बढ़ते नशे की लत टेंशन फ्री लाइफ और फ्री सेक्स की चाहत हर उम्र के लड़के लड़कियों को खींचकर ले जा रही है. एक ऐसी जगह जहां ये सब आसानी से उपलब्ध होता है. और बिना किसी रोकटोक के आप ड्रग्स ले कर नाचते गाते नशे में धुत होकर अपनी सेक्सुअल डिजायर को पूरा कर सकते हैं. बस बदले में अपको चुकाना होता है एक बड़ी रकम और आप पहुंच जाओगे ‘रेव पार्टी’ में . जी हाँ, आज कल बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों मे भी रेव पार्टी कल्चर अपना पैर पसार चुका है. गुपचुप तरीके से इस पार्टी को आयोजित कर करोड़ों रुपयों की ड्रग्स और दारू की खपत होती है. साथ में परोसा जाता है “फ्री सेक्स”.

पिछले साल सभी समाचार पत्रों और चनलों की सुर्खियों पर छाया हुआ था आर्यन खान. शाहरुख खान के बेटे को कौन नहीं जानता लेकिन इस बार उसे जानने की वजह कुछ और थी. आर्यन को पुलिस ने एक रेव पार्टी से गिरफ्तार किया था. और इस रेव पार्टी मे सभी नग्न अर्ध नग्न लड़के लड़किया ड्रग्स के नशे में धुत पाए गए थे. बताने की जरूरत नहीं की इस पार्टी में क्या चल रहा था.

जी हाँ,  अपने सही सोचा इस पार्टी में चल रहा था शराब,  ड्रग्स,  म्यूजिक,  नाच गाना और सेक्स का कॉकटेल. बता दें ये पार्टियां बड़े गुपचुप तरीके से आयोजित की जाती हैं और जिनको बुलाया जाता है वे लोग पार्टी के बारे में  सर्किट के बाहर के लोगों को जरा भी भनक नहीं लगने देते. नशीले पदार्थ बेचने वालों के लिए ये रेव पार्टियां धंधे की सबसे मुफीद जगह बन गई हैं.

जानिए कैसे धनकुबेरों का काला सच होती है रेव पार्टी

रात के अंधेरे में या दिन के सुनसान उजाले में,  ये पार्टीयां धनकुबेरों को बरबस अपनी ओर खींचती  है. धनकुबेरों के आवारा लड़के लड़कियों की कुत्सित वासनाएं पूरा करने के लिए अधिकतर रात के अंधेरों में इन पार्टियों का आयोजन किया जाता है. देश के बड़े-बड़े शहर जैसे मुंबई, दिल्ली और गोवा आदि शहरों में रेव पार्टियां आयोजित की जाती हैं. इसका चलन बढ़ रहा है. अक्सर रेव पार्टी को लेकर ऐसे मामले सामने आते रहे हैं कि इनमें लोग जमकर अलग-अलग तरह का नशा करते हैं. आखिर क्या है रेव पार्टी?  क्या ये पार्टियां सिर्फ नशा करने के लिए होती हैं?  अपने इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इसके बारे में बताएंगे

अमीर लोगों का जाल नशे का जंजाल, जानिए इस जाल का पूरा सच

यदि देखा जाए तो रेव पार्टी का चलन अमीर और बेतहाशा पैसे वाले लोगों में अधिक होता है. इन पार्टियों मे शामिल होने के लिए अच्छा-खासा पैसा चुकाया जाता है. रेव पार्टी में रेगुलर शामिल होने वाले लोगों का एक सर्कल होता है. आमतौर पर उन्हीं को इन पार्टियों में शामिल होने की इजाजत होती है. क्योंकि आयोजक नहीं चाहते कि रेव पार्टी के बारे में किसी भनक लगे.  रेव पार्टियों की प्लानिंग और आयोजन तक इतने गुप्त तरीके से होता है कि इसके लिए आयोजकों के द्वारा कोड भाषा का इस्तेमाल किया जाता है. लोगों को इसमें बुलाने के लिए भी कोड भाषा का ही इस्तेमाल किया जाता है. चूंकि इन पार्टियों में गैरकानूनी नशा किया जाता है इसलिए इन्हें ऐसे इलाकों में आयोजित किया जाता है जिसकी भनक पुलिस को न लग सके. रेव पार्टियों में लोग गाने सुनते हैं और खूब डांस करते हैं. ये भी सच है कि इस तरह की पार्टियों में जमकर नशा किया जाता है. और लड़के लड़किया अपनी काम वासना की पूर्ति करते हैं.  

जहां ड्रग्स और देह का होता है सौदा

 रेव पार्टियों में अक्सर ड्रग्स का लेन-देन भी होता है और वहां इसका उपयोग भी किया जाता है. लोग ड्रग्स लेकर तेज आवाज में बजने वाले संगीत की धुन पर झूमते रहते हैं. अलग-अलग तरह के ड्रग्स के अलावा इन पार्टियों में सेक्स भी शामिल होता है. इन पार्टियों का माहौल ऐसा बनाया जाता है कि नशे में झूमता व्यक्ति लंबे समय तक भ्रम की दुनिया में रहे. इस पार्टी के आयोजकों और सदस्यों पर ये दबाव रहता है की वो नित्य नए लोगों को इस समूह मे जोड़ते जाए ताकि ड्रग्स का कारोबार फल फूल सके. अब तक ये धारणा थी कि पैसेवाले लोग ही इस तरह की पार्टियों में शामिल होते हैं  लेकिन नए जांच से पता चला कि गरीब घर के लड़कियां व लड़कों को भी लोग बहकाकर नशे और सेक्स की लत लगा देते है . जिसके बाद नशे के गुलाम बनकर इस दलदल में  फंसकर ड्रग कारोबरियों के लिए वो काम करने लगते हैं. सामान्य घर के बच्चों को एक प्रकार से ब्लैक मेल करके ड्रग्स की लत लगाकर इस धंधे में धकेल दिया जाता है. जहां ड्रग्स की आदत लगा कर उनसे ड्रग्स पैडलर बनाने के साथ साथ पार्टी में देह परोसने का भी काम कराया जाता है.

ड्रग्स बेचने और नए लड़कों में ड्रग्स की लत लगाने को होती है रेव पार्टी

नशीले पदार्थ बेचने वालों के लिए ये रेव पार्टियाँ धंधे की सबसे मुफीद जगह बन गई हैं. मुंबई, पुणे, खंडाला,  पुष्केर, बेंगलोर चेन्नई, और दिल्ली के आसपास के इलाके इन रेवियों के लिए बड़ी मुफीद जगह हैं. इन पार्टियों में आम लोगों के लिए कोई जगह नहीं है. धनकुबेरों के आवार लड़के लड़कियों की कुत्सित वासनाएं पूरा करने के लिए रात के अंधेरों में इन पार्टियों का आयोजन किया जाता है. मॉडल लड़के लड़कियां तो इन पार्टियों में अकसर देखे जाते हैं. हम भले ही लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या में कमी होने का रोना रोते हों लेकिन इन रेव पार्टियों के मामले में लड़कियों ने लड़कों को काफी पीछे छोड़ दिया है. आसानी से मॉडलिंग में खुद को स्थापित करने के लिए लड़कियों को ये जगह सबसे उपयुक्त लगती है जहां फिल्मी दुनियाँ के बड़े लोगों के साथ सो कर अपने किए मनोरंजन का किंगडम खड़ा कर लेती है.

जानिए कौन कौन से ड्रग्स होते हैं इस्तेमाल

माना जाता है कि 80 और 90 के दशक में ही इन पार्टियों की शुरुआत हो गई थी. अगर रेव पार्टी की बात करें तो इसका मतलब जोश और मौज मस्ती से भरी महफिलों से है. इन पार्टियों में दो गैरकानूनी ड्रग्स चलते हैं एसिड और इक्सटैसी. इसे लेने के बाद युवा लगातार 8 घंटे तक डांस कर सकते हैं. ये ड्रग्स उनमें लगातार नाचने का जुनून पैदा करते हैं. जिनके पास पैसे होते हैं वे एसिड व इक्सटेसी जैसे महँगे ड्रग लेते हैं.  इन पार्टियों में धड़ल्ले से गैरकानूनी ड्रग्स  का इस्तेमाल किया जाता है. जिनके पास उतना पैसा नहीं होता वे हशीश या गाँजा से ही काम चला लेते हैं. रेव पार्टियों में 20 हजार, 30 हजार या 60 हजार वाट का म्यूजिक भी बजता है,  वो भी सुपर फास्ट. इस तेज संगीत और नशे के मिश्रण से सारे बंधन टूट जाते हैं और मनुष्य् अपने आदिम स्वरूप में आ जाता है. नाचते हुए इश्क ने जोर मारा तो कई रेव पार्टियों में उसकी व्यवस्था भी रहती है. रेव वेन्यू पर उसके लिए हट बनने लगे हैं. स्वैपिंग इज ऑलसो कूल. इसमें भाग लेने वाले बिंदास युवकों के लिए सेक्स और प्यार की नैतिकता कोई मायने नहीं रखती. नशीले पदार्थ बेचने वालों के लिए ये पार्टियां किसी लाटरी से कम नहीं होती.

कौन होते हैं शामिल

रेव पार्टियों में हर कोई शामिल नहीं हो सकता है. इसके लिए मोटी रकम चुकानी पड़ती है. इन पार्टियों में गांजा,  चरस, कोकीन,  हशीश,  एलएसडी,  मेफेड्रोन जैसे ड्रग्सर का इस्तेमाल होता है. इनमें से ज्यादा ड्रग्स का असर करीब 7 से 8 घंटों तक रह सकता है. रेव पार्टियों में ज्यादातर ड्रग्सन इसके अयोजक ही उपलब्ध कराते हैं. इस तरह की पार्टियों में सिर्फ लड़के ही नहीं लड़कियों की संख्या भी अच्छी खासी होती है.

क्या कहता है कानून

कानून की नजर में ये पार्टीयां अपराध है ऐसी पार्टियों मे नशा ड्रग्स का कारोबार होता है और देह व्यापार भी होता है. ऐसे में इस तरह की पार्टी का आयोजन पुलिस से छुपकर होता है फिर भी आए दिन रेवियों को पुलिस छापा मार कर ऐसी पार्टियों से बड़े घर ले जाती है.

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