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राज्य बने 22 वर्ष हो गए लेकिन अभी तक झारखंडी कौन है यह पहचान नहीं हो पायी: सालखन मुर्मू  

BY -
Samir Hussain
Samir Hussain
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 3:05:35 PM

दुमका(DUMKA):आदिवासी सेंगल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू दुमका पहुंचे. परिसदन में उन्होंने एक प्रेस वार्ता की. प्रेस वार्ता के दौरान झामुमो सहित तमाम राजनीतिक पार्टियों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राज्य बने 22 वर्ष हो गए लेकिन अभी तक झारखंड में ना तो स्थानीय नीति और ना ही आरक्षण और  नियोजन नीति बन पाई है. जिससे युवाओं का आक्रोश दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है.

उन्होंने कहा कि सरकार ने जो 1932 का खतियान कैबिनेट से पारित किया था, उसे राज्यपाल ने लौटा दिया है, इसके बावजूद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिला-जिला घूमकर जोहार खतियान यात्रा निकाल रहे हैं और लोगों को समझा रहे हैं कि 1932 का खतियान लागू होगा. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा, कांग्रेस, आजसू सहित तमाम राजनीतिक दल चुप्पी साधे हुए हैं. ना तो वह विरोध कर रही है और ना ही सपोर्ट कर रही है. इस स्थिति में आदिवासी सेंगल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते मीडिया के माध्यम से एक फार्मूला राज्य सरकार के समक्ष रखना चाहते हैं. जिसके अनुरूप झारखंड सरकार के पास सरकारी या गैर सरकारी जितनी भी नौकरियां है उसका 90% हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों को देनी चाहिए. ग्रामीण क्षेत्र की नौकरी को प्रखंड वाइज कोटा बनाते हुए फिक्स कर देनी चाहिए और उसे उसी प्रखंड के आवेदकों से भरी जानी चाहिए. इसमें स्थानीय की जरूरत नहीं होगी. सबको स्थानीय मान लिया जाएगा. प्रखंड विशेष में जिस जाति का जितना हिस्सा है उतना उसे दे दिया जाए. स्थानीय और आरक्षण के साथ-साथ लोगों का नियोजन भी हो जाएगा.

रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका  

Tags:झारखंड 1932SALKHAN MURMUADIWASI SENGHALHEMANT SORENJHARKHANDDOMICILEcabinetdumka

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