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अब किसी के सामने हाथ नहीं फैलाएंगी बिहार की महिलाएं, सरकार दे रही रोजगार के लिए पैसे, पढ़िये अप्लाई करने का तरीका

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):बिजनेस करना महिलाओं के लिए काफी कठिन है, क्योंकि जब पूंजी की जरूरत पड़ती है तो उन्हें आसानी से पूंजी नहीं मिलती. परिवार के लोग भी महिलाओं को पूंजी नहीं देना चाहते हैं. लेकिन जो महिलाएं काम करना चाहती हैं, वे आत्मनिर्भर कैसे बनें, इसको देखते हुए बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की, ताकि हर वह महिला जो आत्मनिर्भर बनना चाहती है, लेकिन पूंजी या पैसे की कमी की वजह से अपनी पसंद का रोजगार या बिजनेस नहीं कर पा रही है, तो वह व्यवसाय शुरू कर सके. बिहार सरकार आर्थिक मदद करती है, जहां योजना के तहत शुरुआत में 10,000 रुपये की सहायता राशि सीधे DBT के माध्यम से महिलाओं के खातों में भेजी जाती है. इसका उपयोग महिलाएं अपना रोजगार शुरू करने में कर सकती हैं. वहीं, उसके कुछ दिन बाद महिला द्वारा शुरू किए गए रोजगार के संचालन का आकलन किया जाता है. यदि कोई महिला अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाती है, तो उसके आधार पर बिहार सरकार 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद करती है.

पढ़ें क्या है सरकार का लक्ष्य

इस योजना को शुरू करने के लिए बिहार सरकार का एक उद्देश्य है कि कोई भी महिला किसी के सामने हाथ न फैलाए, यानी पैसे के लिए दूसरों से मदद न मांगनी पड़े और वह खुद आत्मनिर्भर बने. इसको देखते हुए सरकार की ओर से बिहार में बेटियों की पढ़ाई के लिए जहां कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, ताकि वह पढ़-लिखकर आगे बढ़ पाएं, वहीं ऐसी महिलाएं जो अपने समय में पढ़ाई-लिखाई से वंचित रह गईं और आज वह आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं, तो उन्हें रोजगार शुरू करने के लिए सरकार मदद करती है. इस योजना की शुरुआत साल 2025 में 26 सितंबर के दिन हुई थी. इस दिन कई लाख महिलाओं के खातों में 10,000-10,000 रुपये की राशि सीधे DBT के माध्यम से भेजी गई थी. इस पैसे से लाखों महिलाओं ने अपना छोटा रोजगार शुरू किया, जिसमें सिलाई मशीन, किराना की दुकान, मुर्गी पालन, पशुपालन, कृषि आधारित काम या फिर कढ़ाई-बुनाई से जुड़े काम शामिल हैं.

महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही सरकार

बिहार सरकार महिलाओं को काम तलाशने से बचाने के लिए उन्हें खुद रोजगार शुरू करने का अवसर दे रही है, ताकि उनकी आमदनी बढ़ सके और परिवार में वह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें. इसके साथ ही आत्मनिर्भर बनने के लिए और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी से पैसे मांगने की जरूरत न पड़े. आपको बता दें कि इस योजना की शुरुआत में 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. DBT के माध्यम से पैसे सीधे लाभुक महिला के खाते में भेजे जाते हैं. इसके बाद महिला कोई रोजगार शुरू करती है, तो वह इसमें कितना सफल हुई, इसका आकलन सरकार की ओर से किया जाता है. यदि महिला 10,000 रुपये से रोजगार शुरू करके इसे आगे बढ़ाती है, तो निर्धारित प्रक्रिया तथा उपयोग के आधार पर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता सरकार करती है. हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि हर महिला को 2 लाख रुपये मिलेंगे. अतिरिक्त राशि रोजगार की प्रगति और संबंधित प्रक्रिया के आधार पर ही दी जाती है. यह अधिकतम राशि है, जो मिल सकती है.

सरकार से मिले पैसे से अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं महिलाएं

बिहार सरकार की ओर से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिलने वाले पैसे से महिला अपनी रुचि और जरूरत के अनुसार छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती है. अगर कोई महिला सिलाई करना जानती है और वह सिलाई का काम शुरू करना चाहती है, तो वह इससे आत्मनिर्भर बन सकती है. वहीं, अगर कोई महिला किराने की दुकान खोलना चाहती है, मुर्गी पालन करना चाहती है, पशुपालन करना चाहती है या बकरी पालन करना चाहती है, तो इस पैसे का इस्तेमाल कर सकती है, ताकि वह अपने पैरों पर खड़ी हो सके. यदि आप भी बिहार की महिला हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं और सरकार की इस योजना का लाभ उठाना चाहती हैं, तो आप ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं. चलिए, हम आपको इसके अप्लाई करने का पूरा प्रोसेस बता देते हैं.

क्या इस तरह से आवेदन किया जा सकता है

आपको बता दें कि यदि कोई महिला ग्रामीण क्षेत्र में रहती है और पहले से जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है, तो अपने संगठन के माध्यम से आवेदन कर सकती है. वहीं, ग्राम संगठन स्तर पर बैठक आयोजित कर महिलाओं के आह्वान के लिए जाते हैं. वहां जो महिला पहले से इस योजना से नहीं जुड़ी हुई है, तो वह स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के लिए अपने संबंधित ग्राम संगठन से संपर्क कर सकती है. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया जा सकता है. वहीं, शहरी महिलाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. आवेदन करते समय मोबाइल नंबर के साथ आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और व्यवसाय से जुड़ी जानकारी आपको देनी पड़ती है. इसके साथ ही आपको बिहार निवास प्रमाण पत्र भी देना होता है. योजना का लाभ लेने के लिए प्रशिक्षण जैसी निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करना भी जरूरी है. वहीं, जो शहरी महिलाएं पहले से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, उन्हें अपने क्षेत्र के संबंधित CLCRP से संपर्क करना होगा.

आधिकारिक वेबसाइट से करें आवेदन 

शहरी क्षेत्र की महिलाएं ऑनलाइन आवेदन करने के लिए केवल सरकारी वेबसाइट का ही उपयोग करें. योजना का आधिकारिक पोर्टल mmry.brlps.in है. इसके साथ बिहार जीविका की आधिकारिक वेबसाइट brlps.in पर भी योजना की जानकारी आपको मिल सकती है. यहां ध्यान देने वाली बात है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आपको किसी भी तरह के बिचौलियों को पैसे देने की जरूरत नहीं है. आप सीधे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही अप्लाई करें, ताकि आप किसी भी तरह की धोखाधड़ी में न पड़ें.

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