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बैंक के IFSC Code में क्यों होते हैं 11 अंक? जानिए हर अक्षर और नंबर का मतलब

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): जब भी हमें बैंक में अपने खाते से दूसरे खाते में पैसा ट्रांसफर करवाना होता है या ऑनलाइन ट्रांसफर करवाना होता है, तो हमें IFSC Code मांगा जाता है. हर खाताधारक के अकाउंट नंबर के साथ IFSC Code बैंक की ओर से उपलब्ध कराया जाता है. आपको बता दें कि सारे अंकों का अपना एक मतलब होता है, जिसके बारे में आज हम आपको बताना चाहते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि आखिर 11 नंबर क्यों होते हैं, 12 क्यों नहीं होते. तो आपको बता दें कि सबसे पहले आपको IFSC Code का फुल फॉर्म जानना जरूरी है, जिसका फुल फॉर्म होता है इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड. क्यों जरूरी है और 11 अंकों का क्यों होता है, चलिए आपको बताते हैं.

 जानिए हर अक्षर और नंबर का मतलब

आपको बता दें कि IFSC एक खास तरह का अल्फा न्यूमेरिक यानी अक्षर और अंक से बनाया गया यूनिक कोड होता है, जो किसी भी बैंक की शाखा की पहचान बताता है. यह बैंक की शाखा की पहचान करने और लेनदेन को सही रूट पर करने में मदद करता है. लेकिन यह 11 अंकों का ही क्यों होता है? तो आपको बता दें कि IFSC Code का एक फॉर्मेट होता है, जिसमें पहले जो चार अक्षर होते हैं, वे बैंक की पहचान बताते हैं. वहीं, इसके बाद का पांचवां कैरेक्टर हमेशा 0 होता है. RBI की ओर से इसे भविष्य में उपयोग के लिए रिजर्व रखा गया है. वहीं, इसके बाद के 6 अक्षर बैंक से संबंधित शाखा के बारे में बताते हैं. बैंक के लिए चार कैरेक्टर और एक कैरेक्टर रिजर्व या 6 कैरेक्टर शाखा के लिए होते हैं. इस तरह कुल 11 कैरेक्टर का IFSC Code होता है.

इसका तरह समझिए क्या होता है IFSC कोड

उदाहरण के लिए, मान लीजिए किसी बैंक का IFSC Code HDFC0001234 है. इसमें HDFC बैंक की पहचान करता है, जबकि पांचवां कैरेक्टर 0 रिजर्व रहता है. इसके बाद के 001234 कोड से संबंधित शाखा की पहचान होती है. जब आप इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पैसे ट्रांसफर करते हैं, तो केवल बैंक अकाउंट नंबर ही पर्याप्त नहीं होता है. उस दौरान IFSC Code भी दर्ज करना होता है. यह सिस्टम को यह पहचानने में मदद करता है कि रकम किस बैंक की किस शाखा में भेजनी है.

इसकी मदद से काफी आसान हो जाता है पैसा भेजना

IFSC Code की मदद से बैंकिंग सिस्टम में पैसों का ट्रांसफर आसान और सुरक्षित तरीके से किया जाता है. जब कोई व्यक्ति NEFT, RTGS या IMPS जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से पैसे भेजता है, तो IFSC Code के जरिए बैंक और उसकी संबंधित शाखा की पहचान की जाती है. इसलिए पैसे ट्रांसफर करने से पहले सही IFSC Code दर्ज करना जरूरी होता है, ताकि रकम सही बैंक शाखा तक पहुंच सके.