टीएनपी डेस्क (TNP DESK):आजकल की महिलाएं केवल घर ही नहीं संभालतीं, बल्कि घर से लेकर बाहर तक सभी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाती है.महिलाएं पढ़-लिखकर सरकारी और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में नौकरी कर रही हैं और अपने परिवार का भी पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन-पोषण करती है.ऐसे में यदि नौकरी करने वाली किसी महिला की मृत्यु हो जाए तो कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या अब महिला के पति को पारिवारिक पेंशन मिलेगी या नहीं. यदि आप भी ऐसे लोगों में शामिल हैं, जिन्हें इसका सही जवाब नहीं पता है, तो आइए आज हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देते है और सरकार के नियमों से जुड़े सभी पहलुओं को बताते है.
महिला की मौत के बाद बच्चों या पति को मिलेगी पेंशन ?
दरअसल, जब घर के किसी ऐसे व्यक्ति की मृत्यु होती है, जो सरकारी नौकरी कर रहा होता है, तो उसकी पत्नी को सरकार की ओर से पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान है.वहीं, यदि सरकारी नौकरी करने वाली महिला की मृत्यु हो जाती है, तो उसके पति को भी फैमिली पेंशन दी जाती है. हालांकि, यह कई नियमों और परिस्थितियों पर निर्भर करता है. सबसे पहले यह जान लेना चाहिए कि केंद्र सरकार की EPS के नियम अलग-अलग है. ऐसे में महिला के पति को पारिवारिक पेंशन मिलेगी या नहीं, यह कुछ शर्तों पर निर्भर करता है.
पति को सरकारी पारिवारिक पेंशन पाने का अधिकार होता है ?
यदि किसी परिवार में सरकारी नौकरी करने वाली महिला की मृत्यु होती है, तो उसके पति को सरकारी पारिवारिक पेंशन पाने का अधिकार होता है.लेकिन कुछ परिस्थितियों में पति की जगह यह पेंशन बच्चों को दी जाती है.उदाहरण के तौर पर, यदि किसी महिला ने अपने पति के खिलाफ कोर्ट में तलाक का मामला दर्ज कराया हो और उसके बाद उसकी मृत्यु हो जाए, तो ऐसी स्थिति में पारिवारिक पेंशन पति को नहीं, बल्कि बच्चों को दी जा सकती है.इसके अलावा, यदि महिला ने दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा या पति के खिलाफ किसी अन्य गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज कराई हो, तो भी पति को पारिवारिक पेंशन का लाभ नहीं मिल सकता है.
इन वजह से भी पेंशन मिलने में होती है देरी
इन परिस्थितियों में महिला सरकार से यह अनुरोध भी कर सकती है कि उसकी मृत्यु के बाद उसकी पारिवारिक पेंशन उसके पति को न देकर बच्चों को दी जाए.हालांकि, यह केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही संभव होता है. सामान्य तौर पर महिला की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन पाने का पहला अधिकार उसके पति का ही होता है.हालांकि, कई मामलों में महिला की मृत्यु के बाद पात्र होने के बावजूद पति को पेंशन मिलने में देरी हो जाती है.इसके पीछे कई कारण हो सकते है, जैसे रिकॉर्ड अपडेट न होना, नॉमिनी या परिवार की जानकारी पूरी तरह उपलब्ध न होना, क्लेम फॉर्म अधूरा होना या बैंक खाता, आधार अथवा अन्य दस्तावेजों में किसी प्रकार की त्रुटि होना.
सारे दस्तावेज़ सही होने पर जल्दी शुरू हो जाती है पेंशन
यदि सभी जानकारी और दस्तावेज सही हैं, तो पेंशन के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज पेंशन विभाग में जमा कराने होते है.इनमें महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पीपीओ PPO/EPF से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और बैंक खाते का विवरण शामिल होता है.सभी दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने के बाद पारिवारिक पेंशन शुरू कर दी जाती है.
