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ये कैसा इंसाफ है भाई! दो पत्नियों के बीच फंसे पति पर पंचायत का गज़ब फैसला, लोग बोले- ऐसा भी होता है क्या?

Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer
ये कैसा इंसाफ है भाई! दो पत्नियों के बीच फंसे पति पर पंचायत का गज़ब फैसला, लोग बोले- ऐसा भी होता है क्या?

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):आजकल पति, पत्नी और वो यानी शादी के बाद एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की खबरें आम हो गई है. रोज़ाना हम समाचार पत्रों, सोशल मीडिया से इस तरह की खबरें सुनते और देखते है. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में तब तक सब कुछ ठीक चलता है, जब तक इसकी भनक पत्नी नहीं लगती है.दरअसल, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पति, पत्नी और वो की कहानी तो आम है, लेकिन पंचायत ने जो फैसला सुनाया, उसे सुनकर आप भी माथा पीटने पर मजबूर हो जाएंगे. चलिए, अब आपको पूरा मामला बताते है.

दो पत्नियों के बीच फंसा पति

दरअसल, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के कारण एक पति अपनी दो पत्नियों के बीच फंस गया है. बताया जा रहा है कि उसने दो शादियां की है.जब इस विवाद का खुलासा हुआ, तो दोनों पत्नियां आपस में झगड़ने लगी. मामला पंचायत तक पहुंचा, जिसके बाद पंचायत ने ऐसा फैसला सुनाया, जिसे सुनकर आपको भी ताज्जुब होगा कि आखिर यह कैसा इंसाफ है. दरअसल, पहली पत्नी की शिकायत और पारिवारिक विवाद के बाद पंचायत ने फैसला दिया कि पति सप्ताह में तीन दिन पहली पत्नी और तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा. वहीं, सातवें दिन वह अपनी मर्जी से समय बिता सकता है.साथ ही पंचायत ने पहली पत्नी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी पति पर तय की है.

पढ़िये पूरा मामला क्या है 

आपको बता दें कि पूरा मामला उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले का है.यहां 14 साल पहले एक युवक की शादी हुई थी और उसकी दो बेटियां भी है. लेकिन बाद में उसने पहली पत्नी से छिपाकर दूसरी शादी कर ली और उसके साथ रहने लगा.पहली पत्नी को इस बारे में कोई भनक नहीं थी. इतना ही नहीं, वह पहली पत्नी को न तो ठीक से खर्च देता था और न ही उसके साथ समय बिताता था. मामला जब पुलिस तक पहुंचा, तो दोनों पक्षों के परिजनों और गांव के लोगों की मौजूदगी में पंचायत बुलाई गई. काफी लंबी बहस के बाद समझौता हुआ कि सोमवार से बुधवार तक पति अपनी पहली पत्नी के साथ रहेगा, जबकि गुरुवार से शनिवार तक वह दूसरी पत्नी के साथ रहेगा.वहीं, रविवार को वह अपनी इच्छा के अनुसार किसी के साथ भी रह सकता है.इसके साथ ही पहली पत्नी के लिए हर महीने राशन उपलब्ध कराने और साप्ताहिक खर्च देने पर भी सहमति बनी.

दोनों पक्षों ने पंचायत के इस फैसले को स्वीकार भी कर लिया

सबसे खास बात यह है कि दोनों पक्षों ने पंचायत के इस फैसले को स्वीकार भी कर लिया, जिसके बाद पहली पत्नी ने अपनी शिकायत वापस ले ली.स्थानीय पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है.हालांकि, पंचायत के इस फैसले की अब काफी चर्चा हो रही है. लोग इसे बेहद अजीब फैसला बता रहे हैं। वहीं, कई लोग यह भी कह रहे हैं कि एक पति और दो पत्नियों के इस मामले में पति दोनों के बीच बुरी तरह फंस गया है.