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वासेपुर गैंगवार: कौन है फहीम का जानी दुश्मन साबिर आलम,जो धनबाद पुलिस को चकमा देकर छत्तीसगढ़ से हो गया फ़रार

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD) | वासेपुर के गैंगवार  को जानने वाले साबिर आलम को नहीं भूले होंगें।  ढाई दशक पहले वासेपुर में गैंगस्टर फहीम खान और समानांतर  डॉन बनने की चाहत रखने वाले साबिर आलम के बीच गैंगवार  की शुरुआत हुई थी.  इस दौरान कई हत्याएं हुई थी.  लेकिन बाद में साबिर आलम वासेपुर का इलाका छोड़ दिया था और भूमिगत  जीवन बिता रहा है.  फिलहाल धनबाद पुलिस की एक विशेष टीम छत्तीसगढ़ में है और वह साबिर आलम की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है.  धनबाद पुलिस की टीम साबिर आलम तक छत्तीसगढ़ में पहुंच गई थी, लेकिन भनक लगते ही वह फरार हो गया.  

साबिर छत्तीसगढ़ में भूमिगत जीवन बीता रहा था 

वह छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पहचान बदलकर रह रहा था.  इसकी जब पक्की सूचना धनबाद पुलिस को मिली ,तो उसे पकड़ना  का प्रयास शुरू किया गया.  इसी कड़ी में धनबाद पुलिस ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में साबिर आलम को पकड़ने के लिए छापेमारी की.  लेकिन वह वहां से फरार हो गया.  पुलिस उसे छत्तीसगढ़ में पकड़ने के लिए लगातार एक्शन में है.  धनबाद पुलिस को जानकारी मिली थी कि वह छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के सरगुजा जिला  में अपनी पहचान छिपा कर रह रहा है.  पुलिस के पास साबिर आलम की बहुत सारी   तस्वीर भी है.  इसी सूचना पर पुलिस ने सादे लिबास  में वहां छापेमारी की.  लेकिन वह फरार हो गया.  उसके फरार होने के बाद धनबाद पुलिस ने सरगुजा के एसएसपी को इसकी सूचना दी.  इस सूचना के बाद पूरे इलाके के नाकेबंदी की गई, लेकिन  साबिर हाथ नहीं आया है. 

फहीम की मां -मौसी हत्याकांड में साबिर है सजायाफ्ता 

 जानकार बताते हैं कि 2001 के पहले साबिर आलम और फहीम खान के बीच विवाद था.  दोनों एक दूसरे के खून के प्यासे  बन गए थे.  इसी क्रम में कई लोगों को जान गंवानी पड़ी थी.  दरअसल, जानकार बताते हैं कि 2001 में  गैंगस्टर फहीम खान की मां नजमा खातून और मौसी शहनाज खातून की पुराना बाजार डायमंड क्रॉसिंग के पास हत्या कर दी गई थी.  इस मामले में साबिर आलम सहित कई लोगों को आरोपी बनाया गया था.  साबिर को 2013 में गिरफ्तार किया गया था. यह गिरफ्तारी रांची से हुई थी.  2018 में धनबाद की अदालत में साबिर आलम सहित सात आरोपियों को इस दोहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.   उल्लेखनीय है कि फहीम खान की मां और मौसी हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी और वासेपुर के गैंगवार  और आगे बढ़ता चला गया. 

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