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पत्नी को बांध, एक-एक कर दोस्तों को कमरे में भेजता था पति, फिर कराता था ये घिनौना काम

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): पति-पत्नी का रिश्ता अटूट विश्वास पर टिका होता है, जहां पत्नी अपना घर-बार छोड़ पति के साथ सात जन्मों तक रिश्ता निभाने निकल पड़ती है. पर क्या आपने कभी ये सोचा है कि जिस पति के भरोसे पर वह अपना सबकुछ पीछे छोड़, नई ज़िंदगी की शुरुआत करने के लिए आगे आई, उसी के साथ पति हैवानियत की हद पार कर दे तो क्या होगा. ऐसा ही मामला सामने आया है जहां पति ने पहले पत्नी से शादी की और फिर अपने तीन दोस्तों से महिला के साथ दरिंदगी करवाई है. 

मामला जुड़ा है तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से जहां 18 वर्षीय म्यांमार की महिला ने अपने पति और उसके तीन दोस्तों पर यौन शोषण, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला की शिकायत के मुताबिक, उसका पति उसे किराए के मकान में बाहर से ताला लगाकर बंद कर देता था और अपने दोस्तों को घर के अंदर भेजता था. महिला का दावा है कि इस दौरान उसके साथ बार-बार यौन शोषण किया गया. फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है.

महिला ने शिकायत में बताया कि वह पहले बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में रहती थी. वहीं उसकी मुलाकात मोहम्मद फैयाज से हुई थी. आरोप है कि फैयाज ने शादी का वादा कर मई में उसे परिवार को बताए बिना भारत लाया. इसके कुछ दिनों बाद दोनों ने हैदराबाद में शादी कर ली. महिला के अनुसार, शादी के करीब एक महीने बाद पति अपने तीन दोस्तों अहमद मुजीब, नूर कमाल और जिया-उर-रहमान को भी किराए के मकान में ले आया.

शिकायत के मुताबिक, मकान मालिक बकाया किराया लेने पहुंचा. घर बाहर से बंद मिलने पर उसने ताला तोड़ा, जिसके बाद महिला बाहर निकल सकी. इसके बाद उसने अपने परिवार से संपर्क किया. इसके बाद रिश्तेदार मोहम्मद रशीद उसे पुलिस स्टेशन लेकर पहुंचे, जहां शिकायत दर्ज कराई गई.

महिला ने आरोप लगाया कि दो आरोपियों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी. शिकायत के आधार पर पति मोहम्मद फैयाज और उसके तीन दोस्तों के खिलाफ बलात्कार, गलत तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकी देने से संबंधित आरोपों में एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी है. फिलहाल मामले की जांच जारी है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी या जांच के अंतिम नतीजे की पुष्टि नहीं हुई है. आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.