टीनपी डेस्क (TNP DESK): हर माता-पिता अपने बच्चे को स्कूल इसलिए भेजते हैं, ताकि वह पढ़ाई के साथ-साथ अच्छी बातें सीखे, आगे बढ़े और एक बेहतर इंसान बने. हर माता-पिता भरोसा करके अपने बच्चे को स्कूल छोड़ते हैं कि वहां टीचर न सिर्फ उसे पढ़ाएंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर उसकी देखभाल भी करेंगे और उसे सुरक्षित रखेंगे. लेकिन जरा सोचिए, जब इसी भरोसे की जिम्मेदारी निभाने वाला टीचर ही बच्चे के लिए डर और खतरे की वजह बन जाए, तो माता-पिता पर क्या बीतेगी? विशाखापट्टनम की एक घटना ने इसी भरोसे को झकझोर दिया है, जहां छह साल के मासूम की कथित पिटाई के बाद मौत हो गई.
दरअसल, यह मामला विशाखापट्टनम का है जहां महज 6 साल का प्रणय तेजा, जो अपने स्कूल में यूकेजी का छात्र था, उसकी मौत हो गई. जिस उम्र में बच्चे स्कूल में पढ़ना, खेलना और दोस्तों के साथ हंसना सीखते हैं, उसी उम्र में एक कथित सजा के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना 20 अगस्त की बताई जा रही है. आरोप है कि होमवर्क पूरा करके नहीं लाने पर टीचर ने बच्चे को सबके सामने डांटा और उसके साथ मारपीट की. क्लासरूम में लगे CCTV में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई. वीडियो में दिखाई देता है कि टीचर बच्चे को अपने पास बुलाती है, उसके कपड़े खोलती है और उसे थप्पड़ मारती है और डांटती है. प्रणय रोता और खांसता हुआ नजर आता है. बच्चा खुद को बचाने की कोशिश करता है, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद वह अचानक शांत हो जाता है और टीचर की गोद में ही बेसुध होकर गिर पड़ता है.
CCTV में कैद ये पल सबसे ज्यादा परेशान करने वाले हैं. एक छोटा बच्चा, जो कुछ देर पहले तक रो रहा था और अपनी बात समझाने की कोशिश कर रहा था, अचानक बिल्कुल शांत हो जाता है. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया जाता है, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके. प्रणय को किंग जॉर्ज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बच्चे के परिवार का आरोप है कि टीचर की पिटाई और डर के कारण वह सदमे में चला गया और उसे हार्ट अटैक आया. हालांकि, बच्चे की मौत की वास्तविक वजह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है.
बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी सामने आने के बाद क्लासरूम का CCTV फुटेज सामने आया. वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारी फुटेज की बारीकी से जांच कर रहे हैं और घटना के दौरान मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस बच्चे की मेडिकल हिस्ट्री की भी जांच करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे पहले से कोई बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या तो नहीं थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है.
प्रणय के परिवार के लिए यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि ऐसा दुख है जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है. जिस बच्चे को सुबह स्कूल भेजते समय माता-पिता ने शाम को हंसते हुए घर लौटने की उम्मीद की होगी, वह फिर कभी घर नहीं लौट सका. स्कूल बच्चों के लिए सीखने और सुरक्षित रहने की जगह होनी चाहिए, डर और हिंसा की नहीं. इस घटना की पूरी सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी, लेकिन प्रणय की मौत ने एक बार फिर बच्चों के साथ व्यवहार और स्कूलों में अनुशासन के तरीकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
