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नौकर की बीवी संग रंगरलियां मना रहा था मालिक, तभी पहुंचा पति और दे दिया खौफनाक कांड को अंजाम

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): कहते हैं कि घर का सबसे भरोसेमंद व्यक्ति कभी-कभी सबसे बड़ा गुनहगार भी बन जाता है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां विश्वास, अवैध संबंध और बदले की आग ने एक खौफनाक हत्या को जन्म दिया और पत्नी के कथित प्रेम संबंध से नाराज एक नौकर ने अपने ही मालिक को मौत के घाट उतारने की ऐसी साजिश रची, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. पहले बेरहमी से हत्या की गई, फिर पहचान छिपाने के लिए सिर धड़ से अलग कर खेत में दफना दिया गया. पुलिस जांच में सामने आई इस वारदात की कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है.  

मामला उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से जुड़ा है जहां एक नौकर ने अपनी पत्नी के कथित अवैध संबंधों से नाराज होकर अपने ही मालिक की हत्या कर दी. हत्या को अंजाम देने के लिए उसने मालिक की प्रेमिका और उसके भाई को भी साजिश में शामिल कर लिया. आरोप है कि तीनों ने मिलकर पहले मालिक की पिटाई की और फिर धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया. पहचान छिपाने के लिए सिर को घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर खेत में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया. पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है.

पुलिस के मुताबिक, यह मामला खैराबाद थाना क्षेत्र का है. मृतक की पहचान बहूनगर निवासी भूपई यादव (42) के रूप में हुई है. जांच में सामने आया कि भूपई का अपने ट्यूबवेल पर काम करने वाले कर्मचारी राजेश उर्फ राजकुमार की पत्नी से कथित प्रेम संबंध था. जब राजेश को इसकी जानकारी मिली तो उसने पहले अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश की और भूपई से दूरी बनाने को कहा. लेकिन बात नहीं बनी. बाद में उसने भूपई से भी इस संबंध को लेकर बात की, जहां दोनों के बीच तीखी बहस हुई. पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के बाद राजेश ने हत्या की साजिश रच डाली.

जांच में यह भी सामने आया कि राजेश ने भूपई की कथित प्रेमिका शशि देवी से संपर्क किया और उसे यह कहकर अपने साथ मिला लिया कि भूपई उसे भी धोखा दे रहा है. इसके बाद शशि देवी के भाई रिंकू को भी योजना में शामिल किया गया. आरोप है कि राजेश ने इसके लिए 50 हजार रुपये देने की बात कही, जिसके बाद तीनों ने मिलकर हत्या की पूरी योजना तैयार की.

पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई की रात राजेश ने भूपई को पार्टी के बहाने बुलाया. पहले उसे शराब पिलाई गई और फिर खेत की ओर ले जाकर तीनों ने मिलकर उसकी पिटाई की. इसके बाद धारदार बांका से उसकी गर्दन काटकर सिर धड़ से अलग कर दिया. वारदात के बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से सिर को खेत में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया, जबकि हत्या में इस्तेमाल हथियार और खून से सने कपड़े झाड़ियों में फेंक दिए गए.

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शशि देवी और उसके भाई रिंकू को गिरफ्तार कर लिया. उनकी निशानदेही पर मृतक का कटा हुआ सिर, हत्या में प्रयुक्त बांका और खून से सने कपड़े बरामद किए गए. हालांकि मुख्य आरोपी राजेश उर्फ राजकुमार अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.

पूछताछ में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया. पुलिस के अनुसार, वर्ष 2014 में शशि देवी और भूपई यादव पर शशि के पति गोविंद कुमार की हत्या का भी आरोप लगा था. उस मामले में लखनऊ के बक्शी का तालाब थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था. बाद में शशि देवी जमानत पर रिहा हो गई थी, जबकि भूपई करीब दो वर्ष पहले जेल से बाहर आया था.

पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है. वहीं, फरार मुख्य आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं. अधिकारियों का दावा है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. शुरुआती जांच में यह मामला अवैध संबंध, आपसी रंजिश और सुनियोजित हत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है.