टीएनपी डेस्क (TNP DESK): स्कूल को शिक्षा का मंदिर और शिक्षकों को सबसे ऊंचा स्थान दिया गए है. पर इस शिक्षा के मंदिर में ही जब शिक्षक ही भक्षक बन जाएं और हैवानियत की सारी हदें पार कर दें, तो क्या होगा. बेशक यह चीजें सुनकर ही लोगों का दिल बैठ जाता होगा की हमारे बच्चों के साथ स्कूल में कहीं ऐसी ही क्रूरता तो नहीं हो रही? पर जब आप यह मामला पढ़ेंगे तो आप भी यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे की कोई इतना क्रूर कैसे हो सकता है.
दरअसल धर्म नगरी वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर इलाके से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शिक्षा के मंदिर में एक मासूम बच्चे के साथ अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी गईं. 'सेरेन सोनी प्ले स्कूल' की एक अध्यापिका ने महज़ 5 साल के बच्चे द्वारा पैंट में पेशाब कर देने की सजा के रूप में उसका प्राइवेट पार्ट गर्म चाकू से दाग दिया.
क्या है पूरा मामला?
नर्सरी में पढ़ने वाले पांच वर्षीय छात्र अस्तित्व जायसवाल ने कक्षा के दौरान अपनी टीचर से शौचालय जाने की अनुमति मांगी थी. आरोप है कि शिक्षिका ने उसे जाने से मना कर दिया, जिससे छोटे से बच्चे का नियंत्रण छूट गया और उसकी पैंट में ही पेशाब हो गया. इस बात से आपा खो चुकी महिला टीचर बच्चे को घसीटते हुए दूसरे कमरे में ले गई. वहाँ उसने रसोई गैस पर चाकू को गर्म किया और उस मासूम के नाजुक अंगों को जला दिया. इस भयानक क्रूरता के बाद बच्चा गहरे सदमे और दर्द से कराहता रहा.
जब डरा-सहमा मासूम घर पहुँचा और रोते हुए अपने माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई, तो परिजनों के होश उड़ गए. पीड़ित बच्चे के पिता, जो पेशे से एक अधिवक्ता हैं, ने तुरंत अध्यापिका से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसने फोन का जवाब नहीं दिया. इसके बाद जब परिजनों ने स्कूल की प्रधानाचार्य हेमलता सिंह से शिकायत की, तो उन्होंने कोई सहानुभूति दिखाने या कार्रवाई करने के बजाय उल्टा धमकी देना शुरू कर दिया. 25 जुलाई को जब परिजन व्यक्तिगत रूप से स्कूल पहुँचे, तब भी स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल ने किसी भी प्रकार की सहायता करने से साफ़ इनकार कर दिया और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया.
मासूम की गंभीर शारीरिक स्थिति और उसके मन में बैठे गहरे खौफ को देखते हुए पीड़ित पिता ने लालपुर-पांडेयपुर थाने में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए मामला दर्ज कर लिया है. थाना प्रभारी अतुल सिंह ने पुष्टि की है कि पिता की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस की एक विशेष टीम मामले की बारीकी से जांच कर रही है और आश्वासन दिया गया है कि आरोपी शिक्षिका व दोषी प्रबंधन के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह घटना न केवल बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे प्ले स्कूलों में बच्चों की देखरेख के नाम पर लापरवाही और हैवानियत को अंजाम दिया जा रहा है.
