TNP SPECIAL

31 मई की रात आसमान में दिखेगा दुर्लभ नजारा, चांद दिखेगा बेहद खास, जानें पूरी डिटेल

Varsha Varma CE
Copy Editor
31 मई की रात आसमान में दिखेगा दुर्लभ नजारा, चांद दिखेगा बेहद खास, जानें पूरी डिटेल

टीएनपी डेस्क (TNP DESK):  आज मई महीने की आखिरी दिन है आसमान में एक बेहद खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी. 31 मई यानी आज चांद एक साथ दो दुर्लभ स्थितियों में नजर आएगा ब्लू मून और माइक्रोमून. यह संयोग हर साल नहीं बनता सबसे पहले बात करते हैं ब्लू मून की. अक्सर लोग सोचते हैं कि ब्लू मून का मतलब चांद का नीला रंग होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. ब्लू मून एक कैलेंडर आधारित खगोलीय शब्द है. जब किसी एक महीने में दो बार पूर्णिमा होती है, तो दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जाता है. मई महीने में भी यही स्थिति बन रही है, इसलिए इस घटना को ब्लू मून के रूप में जाना जा रहा है.

जब किसी मौसम में चार पूर्णिमा आती हैं और तीसरी पूर्णिमा दिखाई देती है, तो उसे भी ब्लू मून कहा जाता है. आमतौर पर यह घटना हर दो से तीन साल में एक बार देखने को मिलती है. हालांकि, चांद का वास्तविक नीला रंग बहुत ही दुर्लभ परिस्थितियों में दिखाई देता है

अब बात करते हैं माइक्रोमून की. माइक्रोमून तब होता है जब पूर्णिमा के समय चांद पृथ्वी से अपने सबसे दूर बिंदु पर होता है. चांद पूरी तरह गोल नहीं बल्कि अंडाकार होती है, जिसके कारण उसकी दूरी पृथ्वी से बदलती रहती है. जब चांद सबसे दूर होता है, तो वह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में थोड़ा छोटा और कम चमकीला दिखाई देता है. यही स्थिति माइक्रोमून कहलाती है. इसके विपरीत जब चांद पृथ्वी के सबसे करीब होता है, तो उसे सुपरमून कहा जाता है, जो बड़ा और ज्यादा चमकीला दिखाई देता है.

इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए आपको ज्यादा तैयारी की जरूरत नहीं है. अगर मौसम साफ रहा और बादल नहीं हुए, तो यह दृश्य आसानी से आंखों से देखा जा सकता है. हालांकि दूरबीन की मदद से आप चांद की सतह पर मौजूद गड्ढों और उसकी बनावट को और भी स्पष्ट रूप से देख पाएंगे.

अगला बड़ा सुपरमून 24 दिसंबर 2026 को देखने को मिलेगा. तब आप इन दोनों घटनाओं की तुलना भी कर सकते हैं. तो इस बार 31 मई की रात आसमान की ओर नजर जरूर उठाइए और इस दुर्लभ ब्लू माइक्रोमून के अद्भुत नजारे का आनंद लीजिए, क्योंकि ऐसे मौके बार-बार नहीं आते.