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क्या सचमुच UPI Transaction पर अब लगेगा Tax? समझिए UPI पर चार्ज का पूरा खेल

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): इन दिनों सोशल मीडिया पर एक सवाल बड़ी तेजी से ट्रेंड कर रहा है की क्या अब तक UPI से पेमेंट करना यानी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पैसे ट्रांसफर करने पर टैक्स देना होगा? आहिर क्या है MDR जिसे लेकर लोगों को इतनी कन्फ़्युशन हो रही है? 

दरअसल 15 अक्टूबर 2026 से UPI के कुछ बड़े मर्चेंट पेमेंट पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होने जा रहा है. यही खबर सामने आने के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं जैसे क्या अब UPI से पेमेंट करने पर आम लोगों से भी पैसा लिया जाएगा? जवाब है नहीं. सरकार ने साफ किया है कि MDR ग्राहक से नहीं लिया जाएगा. यह शुल्क मर्चेंट पेमेंट सिस्टम के भीतर लागू होगा.  

आसान भाषा में समझिए, क्या है P2P और P2M का अंतर

अगर आप किसी दोस्त, रिश्तेदार या दूसरे व्यक्ति को UPI से पैसे भेजते हैं, तो इस तरह के Person-to-Person यानी P2P ट्रांजैक्शन पर कोई MDR नहीं लगेगा. रकम कितनी भी हो, यह लेन-देन मुफ्त रहेगा.

दूसरी तरफ किसी दुकान, कारोबारी या सेवा प्रदाता को UPI से भुगतान करना Person-to-Merchant यानी P2M ट्रांजैक्शन कहलाता है. नए नियम मुख्य रूप से इसी श्रेणी के कुछ बड़े भुगतान पर लागू होंगे.

ऐसे में नए नियम के तहत 2,000 रुपये तक के मर्चेंट UPI पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा. इसके अलावा छोटे कारोबारी भी राहत के दायरे में रहेंगे. UPI QR के जरिए हर महीने एक लाख रुपये तक प्राप्त करने वाले पात्र छोटे मर्चेंट के लिए जीरो-MDR व्यवस्था जारी रहेगी. सरकार के अनुसार करीब 96 फीसदी मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर नए शुल्क का असर नहीं पड़ेगा.

वहीं सामान्य मर्चेंट ट्रांजैक्शन में 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR तय किया गया है. उदाहरण के तौर पर 3,000 रुपये के भुगतान पर MDR 12 रुपये और 10,000 रुपये के भुगतान पर 40 रुपये होगा. 75,000 रुपये या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी. यानी इससे ज्यादा राशि का भुगतान होने पर भी इस सामान्य श्रेणी में MDR 300 रुपये से अधिक नहीं होगा.

बता दें कि रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे कुछ क्षेत्रों में 2,000 रुपये से ऊपर के UPI भुगतान पर प्रतिशत के बजाय 5 रुपये का फ्लैट MDR लागू होगा. वहीं म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर से जुड़े कैपिटल मार्केट पेमेंट पर 0.02 फीसदी MDR होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है.

ऐसे में सरकार ने बैंकों को निर्देश दिया है कि MDR का बोझ ग्राहकों पर न डाला जाए. यानी दुकानदार को यह शुल्क देना होगा और वह इसे अलग से ग्राहक से UPI चार्ज के नाम पर वसूल नहीं सकता. UPI ऐप भी कोई छिपा हुआ प्लेटफॉर्म शुल्क नहीं लगा सकते. यानी नियम के मुताबिक UPI पेमेंट करते समय ग्राहक से MDR वसूलने की व्यवस्था नहीं है. इसलिए फिलहाल आम यूजर के लिए सबसे जरूरी बात यही है, दो लोगों के बीच UPI ट्रांसफर मुफ्त रहेगा और ज्यादातर छोटे या 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट पर भी कोई MDR नहीं लगेगा. वहीं नए शुल्क का दायरा चुनिंदा बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन तक सीमित रखा गया है.