टीएनपी डेस्क(TNP DESK): अगर आप 10 रुपये के सामान के लिए भी UPI से पेमेंट करते हैं, तो 2 अक्टूबर को थोड़ा संभलकर खरीदारी कीजिए. वजह यह है कि देश के कई व्यापारी संगठन UPI पेमेंट को लेकर विरोध करने की तैयारी में हैं. इस दिन कुछ दुकानदार UPI से पेमेंट लेने से इनकार कर सकते हैं. कई जगहों पर दुकानदार अपने QR कोड पर काला कपड़ा लगा सकते हैं. लेकिन यहां एक बात साफ समझ लेना जरूरी है. 2 अक्टूबर को UPI बंद नहीं होने वाला है. UPI की सेवा पहले की तरह चलती रहेगी. बस विरोध कर रहे दुकानदार उस दिन ऑनलाइन पेमेंट लेने से मना कर सकते हैं. अब सवाल है कि आखिर दुकानदार ऐसा क्यों कर रहे हैं और पूरा मामला क्या है?
सबसे पहले समझिए MDR क्या है?
MDR का पूरा नाम Merchant Discount Rate है. आसान भाषा में कहें तो यह वह चार्ज है, जो किसी डिजिटल पेमेंट को स्वीकार करने वाले व्यापारी से लिया जाता है.
जब आप किसी दुकान पर QR कोड स्कैन करके पैसे देते हैं, तो पैसा सीधे दुकानदार तक पहुंचता हुआ दिखाई देता है, लेकिन इसके पीछे बैंक और पेमेंट सिस्टम की पूरी व्यवस्था काम करती है. इस व्यवस्था में कुछ भुगतान माध्यमों पर व्यापारी से शुल्क लिया जा सकता है.
UPI की खासियत यही रही है कि सामान्य छोटे UPI पेमेंट पर दुकानदार से MDR नहीं लिया जाता. इसी वजह से छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक UPI को खूब अपनाया गया.
2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट का क्या मामला है?
यहां एक बात और समझना जरूरी है. ऐसा नहीं है कि हर UPI पेमेंट पर MDR लगने जा रहा है. 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ खास लेनदेन में MDR को लेकर पहले से नियम और शुल्क की व्यवस्था रही है, खासकर RuPay क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़कर किए गए भुगतान में.
इसी मुद्दे को लेकर व्यापारी संगठन अपनी चिंता जता रहे हैं. उनका कहना है कि सामान्य UPI पेमेंट को अतिरिक्त शुल्क से दूर रखा जाना चाहिए, ताकि छोटे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों के लिए डिजिटल भुगतान आसान बना रहे.
QR कोड पर काला कपड़ा क्यों?
2 अक्टूबर को विरोध जताने के लिए कुछ दुकानदार अपने QR कोड पर काला कपड़ा या काली पट्टी लगा सकते हैं. इसका सीधा मतलब होगा कि उस दिन वे डिजिटल पेमेंट स्वीकार नहीं कर रहे हैं.
यानी अगर आप दुकान पर सामान लेने जाते हैं और दुकानदार कहता है कि आज UPI नहीं चलेगा, तो इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे देश का UPI बंद हो गया है. वह दुकानदार विरोध के तौर पर पेमेंट लेने से मना कर रहा होगा.
2 अक्टूबर को कैश रखना क्यों जरूरी?
अगर आप 2 अक्टूबर को बाजार में खरीदारी करने जा रहे हैं, तो अपने पास कुछ कैश रखना समझदारी होगी. खासकर छोटी दुकानों, सब्जी, किराना या रोजमर्रा की चीजें खरीदते समय आपको UPI की जगह नकद भुगतान करना पड़ सकता है.
हालांकि, हर दुकान इस विरोध में शामिल होगी, यह जरूरी नहीं है. यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि स्थानीय व्यापारी संगठन और दुकानदार क्या फैसला लेते हैं.
तो क्या सच में UPI बंद रहेगा?
सीधी बात यह है कि 2 अक्टूबर को UPI सिस्टम बंद नहीं हो रहा है. UPI अपनी जगह काम करता रहेगा. मामला दुकानदारों के विरोध का है. कुछ व्यापारी MDR को लेकर अपनी नाराजगी जताने के लिए उस दिन UPI पेमेंट नहीं लेने का फैसला कर सकते हैं.
यानी 2 अक्टूबर को अगर किसी दुकान पर QR कोड के ऊपर काला कपड़ा नजर आए, तो समझ जाइए कि मामला UPI बंद होने का नहीं, बल्कि MDR के विरोध में दुकानदारों के प्रदर्शन का है. इसलिए उस दिन बाहर निकलते समय मोबाइल के साथ थोड़ा कैश रखना आपके काम आ सकता है.