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Digital Payment लेने वाले दुकानदार ध्यान दें, 15 सितंबर से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना हो सकती है परेशानी

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

टिएनपी डेस्क (TNP DESK): अगर आप दुकानदार हैं और ग्राहकों से ऑनलाइन या डिजिटल पेमेंट लेते हैं, तो आपके लिए यह खबर जरूरी है. 15 सितंबर 2026 की तारीख नजदीक आ रही है. पेमेंट एग्रीगेटर्स के जरिए डिजिटल पेमेंट लेने वाले व्यापारियों को अपनी Re-KYC से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी है. जिन दुकानदारों का वेरिफिकेशन अभी बाकी है, उन्हें समय रहते इसे पूरा कर लेना चाहिए.

नए नियमों का मकसद डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाना और यह पता लगाना है कि पेमेंट लेने वाला व्यापारी कौन है और उसका कारोबार सही तरीके से चल रहा है या नहीं. हालांकि छोटे दुकानदारों के लिए कागजात जुटाना और वेरिफिकेशन कराना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

15 सितंबर तक क्यों जरूरी है Re-KYC

RBI के नियमों के मुताबिक, पेमेंट एग्रीगेटर कंपनियों को अपने साथ जुड़े व्यापारियों की जरूरी जांच पूरी करनी है. सितंबर 2025 में इससे जुड़े नियमों में बदलाव किया गया था.

1 जनवरी 2026 या उसके बाद पेमेंट कंपनियों से जुड़े व्यापारियों के लिए वेरिफिकेशन पहले से जरूरी है. अब पुराने व्यापारियों के लिए भी 15 सितंबर 2026 की समय सीमा महत्वपूर्ण है. इसलिए जिन लोगों ने अभी तक Re-KYC पूरी नहीं की है, उन्हें इसे टालने के बजाय जल्द पूरा कर लेना चाहिए.

सिर्फ कागजात देने से नहीं बनेगा काम

इस बार Re-KYC का मतलब केवल अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर देना नहीं है. पेमेंट कंपनी आपके कारोबार और उसके मालिक से जुड़ी जानकारी की भी जांच कर सकती है.

कुछ मामलों में कंपनी का कर्मचारी या अधिकृत व्यक्ति आपकी दुकान या कारोबार की जगह पर आकर भी जांच कर सकता है. इसे Contact Point Verification कहा जाता है. आसान भाषा में कहें तो कंपनी यह देखेगी कि आपने कारोबार के बारे में जो जानकारी दी है, वह सही है या नहीं.

छोटे दुकानदारों को हो सकती है परेशानी

छोटे दुकानदारों और अपने स्तर पर कारोबार करने वाले लोगों के लिए यह प्रक्रिया थोड़ी मुश्किल हो सकती है. इसकी वजह यह है कि कई छोटे व्यापारियों के पास बड़ी कंपनियों की तरह हर तरह के कारोबारी कागजात नहीं होते.

अगर कारोबार किसके नाम पर है, दुकान का सही पता क्या है या कारोबार का असली मालिक कौन है, इससे जुड़े दस्तावेज मांगे जाते हैं तो उन्हें जुटाने में समय लग सकता है.

KYC के नाम पर ठगी से भी रहें सावधान

Re-KYC के दौरान पैन, आधार और कारोबार से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां देनी पड़ सकती हैं. ऐसे में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है.

अगर आपके पास KYC अपडेट करने के नाम पर कोई मैसेज या लिंक आता है, तो तुरंत उस पर अपनी जानकारी न डालें. पहले यह जांच लें कि मैसेज आपकी पेमेंट कंपनी की तरफ से ही आया है. दस्तावेज केवल कंपनी के आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या दूसरे अधिकृत माध्यम से ही जमा करें.

कौन-कौन से कागजात रखें तैयार

Re-KYC के लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड या दूसरे मान्य पहचान पत्र की जरूरत पड़ सकती है. कारोबार से जुड़े GST रजिस्ट्रेशन, उद्यम रजिस्ट्रेशन या Shop and Establishment के कागजात भी मांगे जा सकते हैं.

इसके अलावा बैंक स्टेटमेंट और दुकान या कारोबार के पते का सबूत भी तैयार रखें. अगर पार्टनरशिप में कारोबार है तो पार्टनरशिप डीड की जरूरत पड़ सकती है.

हर व्यापारी से एक जैसे कागजात नहीं मांगे जाएंगे. इसलिए सबसे आसान तरीका है कि अपनी पेमेंट कंपनी का मैसेज या ऐप चेक करें और देखें कि आपसे कौन से दस्तावेज मांगे गए हैं. अगर Re-KYC बाकी है तो आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय इसे समय रहते पूरा कर लें.