टीएनपी डेस्क(TNP DESK): आज के समय में हमारी डिजिटल पेमेंट पर डिपेन्डन्सी काफी बढ़ गई है, जहां 10 रुपये के पेमेंट करने के लिए भी हम ऑनलाइन ऐप का सहारा लेते हैं. ऐसे में अगर आप भी PhonePe यूजर हैं तो यह खबर आपके बड़े काम की है. दरअसल PhonePe उपभोक्ताओं के करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है.
अगर आपने अपने PhonePe वॉलेट में पैसे रखे हैं, लेकिन लंबे समय से उसका इस्तेमाल नहीं किया है, तो आपको सावधान होने की जरूरत है. कंपनी ऐसे वॉलेट्स पर मेंटेनेंस चार्ज लगाने की तैयारी कर रही है, जो लगातार एक साल तक बिल्कुल भी एक्टिव नहीं रहते. PhonePe के इस फैसले के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है. कुछ लोग इसे सही कदम बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स इसका विरोध कर रहे हैं.
ऐसे वॉलेट्स पर हर तीन महीने में मेंटेनेंस चार्ज लगाया जाएगा. यानी अगर आपने एक साल तक वॉलेट का इस्तेमाल नहीं किया, तो आपके बैलेंस से तय फीस काटी जा सकती है. इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर काफी चर्चा शुरू हो गई है. कई यूजर्स का कहना है कि उन्होंने अपने वॉलेट में पैसे रखे हुए हैं, लेकिन लगातार इस्तेमाल नहीं करते. ऐसे में उन पर अलग से चार्ज लगाना सही नहीं है.
कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर स्क्रीनशॉट शेयर कर बताया कि उन्हें कंपनी की ओर से मैसेज मिल रहे हैं. इन मैसेज में वॉलेट को एक्टिव रखने के लिए ट्रांजैक्शन करने या बैलेंस जोड़ने की सलाह दी जा रही है. कुछ यूजर्स का मानना है कि यह कदम लोगों को वॉलेट इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करने जैसा है.
कंपनी की गाइडलाइंस के हिसाब से, किसी भी चार्ज को लागू करने से पहले यूजर्स को नोटिस दिया जाएगा. इस दौरान उन्हें कई बार अलर्ट भेजे जाएंगे ताकि वे अपना वॉलेट दोबारा एक्टिव कर सकें. अगर इसके बाद भी कोई एक्शन नहीं होती है, तो वॉलेट के पैसे से चार्ज काट लिया जाएगा.
सबसे ज्यादा चिंता उन लोगों को है जिनके वॉलेट में कम बैलेंस पड़ा हुआ है. अगर वॉलेट में तय अमाउन्ट से कम रकम मौजूद है, तो बचे पैसे काटे जा सकते है और वॉलेट का बैलेंस ज़ीरो हो जाएगा. हालांकि बैलेंस को माइनस में नहीं ले जाया जाएगा.
डिजिटल वॉलेट कंपनियों को बंद पड़े खाते को बनाए रखने में भी खर्च करना पड़ता है. सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी ढांचा और नियमों का पालन करने जैसी कई चीजों पर लगातार पैसा खर्च होता है. इसी वजह से कुछ कंपनियां इनएक्टिव वॉलेट पर मेंटेनेंस फीस लगाती हैं.
हालांकि PhonePe ऐसा करने वाली पहली कंपनी नहीं है. इससे पहले भी कई डिजिटल पेमेंट कंपनियां बंद पड़े खाते के वॉलेट्स पर अलग-अलग तरह के शुल्क लगा चुकी हैं. लेकिन PhonePe के बड़े यूजर बेस को देखते हुए इस फैसले पर ज्यादा चर्चा हो रही है.
दरअसल, UPI के तेजी से लोकप्रिय होने के बाद लोगों ने डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल काफी कम कर दिया है. अब ज्यादातर लोग सीधे बैंक खाते से भुगतान कर देते हैं. ऐसे में लाखों वॉलेट ऐसे हैं जिनमें थोड़ी-बहुत रकम पड़ी रहती है, लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं होता.
फिलहाल इस फैसले को लेकर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. कुछ लोग इसे कंपनी का व्यावसायिक फैसला मान रहे हैं, जबकि कई यूजर्स इसे ग्राहकों पर अलग से बोझ बता रहे हैं. ऐसे में यदि अगर आपके पास भी PhonePe वॉलेट है, तो समय-समय पर उसे चेक करना और इस्तेमाल करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.
