टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अक्सर ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की शिकायत रहती है कि पैंट्री कार में तैयार होने वाला खाना साफ-सफाई के मानकों पर खरा नहीं उतरता. कई बार खाने में कीड़े-मकौड़े मिलने या गंदगी की शिकायतें भी सामने आती हैं. ऐसे में यात्रियों के मन में यह सवाल बना रहता है कि अगर खाना साफ-सफाई से तैयार नहीं किया गया, तो उसे खाने से सेहत पर असर पड़ सकता है. अगर आपको भी ट्रेन में सफर के दौरान ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ा है, तो अब कुछ राहत की खबर है. रेलवे ने खान-पान व्यवस्था की निगरानी को मजबूत करने के लिए बड़ी पहल की है. दरअसल, समस्तीपुर होकर चलने वाली प्रमुख ट्रेनों की पैंट्री कार में अब एआई(AI) आधारित कैमरों से निगरानी की तैयारी है. स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस और बागमती एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों की पैंट्री इस व्यवस्था के दायरे में आएगी. पूर्व मध्य रेल के पांच मंडलों की करीब 50 प्रमुख ट्रेनों की पैंट्री कार और 25 स्टेशनों की कैंटीन में भी यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी है. रेलवे का लक्ष्य मार्च 2027 तक इसे लागू करना है. कैमरे चूहा, कॉकरोच या गंदगी दिखते ही संबंधित अधिकारियों को अलर्ट करेंगे. खाना बनाने से लेकर पैकिंग तक की प्रक्रिया पर भी नजर रखी जाएगी.
चूहा-कॉकरोच दिखते ही मिलेगा अलर्ट
नई व्यवस्था में सिर्फ कीड़े-मकौड़ों और गंदगी पर नजर नहीं रखी जाएगी, बल्कि खाना तैयार करने से लेकर उसकी पैकिंग और यात्रियों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी कैमरों के जरिए की जाएगी. पैंट्री कर्मचारियों की स्वच्छता और सुरक्षा मानकों के पालन पर भी एआई सिस्टम नजर रखेगा. कर्मचारी खाना तैयार करते समय शेफ कैप, मास्क और हैंड ग्लव्स का इस्तेमाल कर रहा है या नहीं, इसकी निगरानी की योजना है. कैमरे से किसी तरह की गड़बड़ी या स्वच्छता संबंधी समस्या सामने आने पर संबंधित अधिकारी और खान-पान सेवा से जुड़ी एजेंसी को सूचना दी जाएगी. लापरवाही पाए जाने पर संबंधित वेंडर या एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. रेलवे की कोशिश है कि तकनीक के जरिए पैंट्री में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन की निगरानी को ज्यादा प्रभावी बनाया जाए.
स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की पैंट्री पहले भी रही चर्चा में
समस्तीपुर होकर चलने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस और बागमती एक्सप्रेस समेत कई लंबी दूरी की ट्रेनों में पैंट्री की सुविधा उपलब्ध है. इनमें 12561/12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, 12577/12578 बागमती एक्सप्रेस, 12565/12566 बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और 12553/12554 वैशाली एक्सप्रेस प्रमुख हैं. स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की पैंट्री कार पहले भी अलग-अलग घटनाओं को लेकर चर्चा में रही है. सितंबर 2024 में समस्तीपुर में ट्रेन पर पथराव के दौरान पैंट्री कार समेत तीन डिब्बों के शीशे क्षतिग्रस्त हुए थे. वहीं, वर्ष 2023 में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की पैंट्री कार में आग लगने की घटना सामने आई थी. बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की पैंट्री को लेकर भी यात्रियों की शिकायतें सामने आती रही हैं. इन घटनाओं के बाद मंडल स्तर पर जांच की गई थी.
कैंटीन, जनआहार और फूड प्लाजा भी निगरानी में
रेलवे की प्रस्तावित व्यवस्था केवल ट्रेनों की पैंट्री तक सीमित नहीं रहेगी. स्टेशन की कैंटीन, जनआहार, फूड प्लाजा और बेस किचन को भी एआई निगरानी के दायरे में लाने की तैयारी है. कैमरों से मिलने वाले अलर्ट के आधार पर संबंधित एजेंसी को तत्काल कार्रवाई करनी होगी. गड़बड़ी मिलने पर डिजिटल चालान जैसी कार्रवाई की व्यवस्था भी प्रस्तावित है. रेलवे का मानना है कि इस तकनीक के जरिए खान-पान से जुड़ी एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ाई जा सकेगी. साथ ही यात्रियों को मिलने वाले भोजन की स्वच्छता, गुणवत्ता और तैयार करने की प्रक्रिया पर निगरानी मजबूत होगी. मार्च 2027 तक प्रस्तावित इस व्यवस्था के लागू होने के बाद रेलवे की खान-पान सेवाओं में तकनीक आधारित निगरानी का दायरा और बढ़ने की संभावना है.
