टीएनपी डेस्क (TNP DESK): भारत के स्टार ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने अमेरिका में खेले जा रहे सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज शतरंज टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया है. रैपिड मुकाबले खत्म होने के बाद प्रज्ञानानंदा पहले स्थान पर हैं. उन्होंने 9 मैचों में 12 अंक जुटाए और अपने सबसे करीबी खिलाड़ियों से एक अंक की बढ़त बना ली. अब सबकी नजर ब्लिट्ज मुकाबलों पर है, जहां तय होगा कि इस बार चैंपियन कौन बनेगा.
आखिरी मैच हारे, लेकिन नंबर-1 बने रहे
रैपिड सेक्शन के आखिरी मुकाबले में प्रज्ञानानंदा को नीदरलैंड्स के जोर्डन वान फोरीस्ट से हार मिली. लेकिन इससे उनकी बढ़त पर ज्यादा असर नहीं पड़ा. पूरे रैपिड दौर में उन्होंने शानदार खेल दिखाया. 9 मैचों में उन्होंने 4 मुकाबले जीते, 4 ड्रॉ खेले और सिर्फ एक मैच गंवाया. इसी दमदार प्रदर्शन की बदौलत वह पॉइंट टेबल में सबसे ऊपर रहे.
अब ब्लिट्ज में होगी असली टक्कर
रैपिड मुकाबले खत्म हो चुके हैं. अब सभी खिलाड़ियों को 18 ब्लिट्ज मैच खेलने हैं. ब्लिट्ज शतरंज में सोचने के लिए बहुत कम समय मिलता है, इसलिए एक छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है. हर जीत पर एक अंक मिलेगा, ऐसे में प्रज्ञानानंदा को अपनी बढ़त बचाए रखने के लिए लगातार अच्छा खेल दिखाना होगा.
कई दिग्गज खिलाड़ी दौड़ में
प्रज्ञानानंदा के पीछे उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंजारोव और अमेरिका के वेस्ली सो हैं. दोनों के 11-11 अंक हैं और वे सिर्फ एक अंक पीछे हैं. इसके अलावा लेवोन अरोनियन, लेनियर डोमिंग्वेज, अनीश गिरी और जर्मनी के विंसेंट कीमर भी खिताब की दौड़ में बने हुए हैं. खासकर सिंजारोव और कीमर ब्लिट्ज के मजबूत खिलाड़ी माने जाते हैं, इसलिए मुकाबला काफी रोमांचक होने वाला है.
करोड़ों की इनामी राशि भी दांव पर
इस टूर्नामेंट की कुल इनामी राशि 2 लाख डॉलर यानी करीब 1.67 करोड़ रुपये है. विजेता को 50 हजार डॉलर यानी करीब 42 लाख रुपये मिलेंगे. यही वजह है कि हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेगा.
फाइनल की उम्मीद हुई और मजबूत
सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज, ग्रैंड चेस टूर का अहम टूर्नामेंट है. यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की साल के आखिर में होने वाले ग्रैंड चेस टूर फाइनल में पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है. प्रज्ञानानंदा ने रैपिड में पहला स्थान हासिल कर अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी है. अब अगर वह ब्लिट्ज मुकाबलों में भी इसी लय में खेलते हैं, तो एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब भारत की झोली में आ सकता है.