TNP DESK: भारतीय हॉकी को जमीनी स्तर से और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में हॉकी इंडिया ने बड़ा कदम उठाया है. संगठन ने घोषणा की है कि 18 जुलाई 2026 से देशभर में कोचिंग एवं ऑफिशिएटिंग एजुकेशन पाथवे वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा. इन कार्यशालाओं का उद्देश्य कोचों और तकनीकी अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग उपलब्ध कराना तथा उन्हें आधुनिक हॉकी से जुड़ी नई तकनीकों और नियमों से अवगत कराना है.
हॉकी इंडिया के अनुसार, कोचों और तकनीकी अधिकारियों के लिए अलग-अलग वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी. इन सत्रों का संचालन अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के अनुभवी एजुकेटर्स और विशेषज्ञ करेंगे. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक कोचिंग पद्धतियों, तकनीकी समझ और ऑफिशिएटिंग के नवीनतम मानकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें.
इस पहल का मकसद केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि पूरे देश में एक मजबूत और व्यवस्थित हॉकी शिक्षा प्रणाली विकसित करना भी है. हॉकी इंडिया का मानना है कि यदि कोच और तकनीकी अधिकारी लगातार नई जानकारी और कौशल हासिल करेंगे, तो इसका सीधा लाभ खिलाड़ियों और भारतीय हॉकी के भविष्य को मिलेगा. इसी सोच के साथ संगठन देशभर में योग्य कोचों और तकनीकी अधिकारियों का व्यापक नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है.
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा कि भारतीय हॉकी की प्रगति केवल खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि कोचों और तकनीकी अधिकारियों की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि इन कार्यशालाओं के माध्यम से आधुनिक कोचिंग और ऑफिशिएटिंग की शिक्षा देश के हर हिस्से तक पहुंचाई जाएगी, जिससे खेल की नींव और मजबूत होगी.
वहीं, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा कि किसी भी खेल के दीर्घकालिक विकास के लिए निरंतर सीखना और खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी है. उनके अनुसार, यह कार्यक्रम नए और अनुभवी दोनों तरह के कोचों तथा तकनीकी अधिकारियों के लिए उपयोगी साबित होगा. उन्होंने विश्वास जताया कि देशभर में आयोजित होने वाली ये वर्कशॉप भारतीय हॉकी के लिए अधिक व्यवस्थित, समावेशी और मजबूत विकास तंत्र तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगी.
