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इम्फाल पहुंची डूरंड कप ट्रॉफी,खेल प्रेमियों ने लूटाया प्यार,राज्यपाल और सीएम ने किया स्वागत    

Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर
इम्फाल पहुंची डूरंड कप ट्रॉफी,खेल प्रेमियों ने लूटाया प्यार,राज्यपाल और सीएम ने किया स्वागत    

TNPDESK:देश में एशिया का सबसे पुराना और विश्व का तीसरा बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप  की शुरुआत 28 जुलाई से होनी है. देश के अलग अलग देश के 6 बड़े शहरों में इस टूर्नामेंट का आगाज होना है. इसमें कोलकाता, शिलोंग, इंफाल, गुवाहाटी,कोकराझार और रांची शामिल शामिल है.सभी शहरों में मैच से पहले ट्रॉफी टूर कराया जा रहा है. इसी कड़ी में बुधवार को इम्फाल में ट्रॉफी का स्वागत किया गया. जिसमें राज्यपाल,मुख्यमंत्री समेत सेना समेत कई अधिकारी शामिल हुए. ट्रॉफी टूर को लेकर इम्फाल में उत्साह का माहौल देखा गया.        

ट्रॉफी काफिले का भव्य स्वागत

 इम्फाल स्थित सिटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में गवर्नर, सीएम समेत कई अधिकारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी ट्रॉफी का स्वागत करने पहुंचे. जहां एक अलग स माहौल देखने को मिला. सभी को अब टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार है. इससे पहले  थांगजिंग राइडर्स की अगुवाई में ट्रॉफियां मोइरांग, बिष्णुपुर, तिड्डिम ग्राउंड, कांगला फोर्ट और मणिपुर विश्वविद्यालय होते हुए इम्फाल पहुंचीं.  इस दौरान विद्यार्थियों और स्थानीय समुदायों ने पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्वागत कार्यक्रमों के माध्यम से ट्रॉफी काफिले का अभिनंदन किया. विभिन्न स्थानों पर ट्रॉफियों के सार्वजनिक प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे, जिससे इम्फाल में 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप को लेकर उत्साह और बढ़ गया.

 सिटी कन्वेन्शन सेंटर में मना उत्सव

ट्रॉफी टूर का समापन सिटी कन्वेंशन सेंटर में हुआ, जहां आयोजित समारोह में भारतीय फुटबॉल में मणिपुर के योगदान और राज्य के फुटबॉल से गहरे संबंध का उत्सव मनाया गया.  कार्यक्रम में डूरंड कप की गौरवशाली विरासत पर आधारित विशेष फिल्म का प्रदर्शन, स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान, गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान के साथ टूर्नामेंट की तीनों प्रतिष्ठित ट्रॉफियों का औपचारिक प्रदर्शन शामिल किया गया.  समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और वरिष्ट अधिकारियों ने हिस्सा लिया.  

फुटबॉल सो समुदाय को जोड़ने का करता है काम

इस दौरान कार्यक्रम में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने कहा,  खुमान लंपक मुख्य स्टेडियम में डूरंड कप की वापसी सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है. बल्कि युवाओं में यह आशा और उत्साह का प्रतीक है. हमारे फुटबॉल प्रेमी दर्शकों में अभी से ही उत्साह है. खेल लोगों को जोड़ता है, समाज को मजबूत बनाता है, समुदायों के बीच पुल का काम करता है और एकता को बढ़ावा देता है.  इंडियनऑयल डूरंड कप का 135वां संस्करण भारतीय खेलों के इतिहास का केवल एक और अध्याय नहीं है, बल्कि यह मणिपुर की दृढ़ता, आशावाद और पुनर्जागरण का प्रमाण है.

इम्फाल में टूर्नामेंट की मेजबानी गर्व की बात

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा, “हमारे राज्य में फुटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक ऐसी साझा भाषा है जो समुदायों को जोड़ती है और पीढ़ियों के बीच सेतु का काम करती है.  यह मणिपुर की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है.  गांवों के स्थानीय टूर्नामेंट से लेकर खुमान लंपक मुख्य स्टेडियम के रोमांचक माहौल तक फुटबॉल हर जगह मौजूद है.  इम्फाल में डूरंड कप की मेज़बानी हमारे लिए गर्व का विषय है और इससे हमारे युवा फुटबॉलरों को देशभर के स्काउट्स, क्लबों और फुटबॉल प्रेमियों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का अमूल्य अवसर मिलेगा.

मणिपुर के लोगों के जीवन का हिस्सा फुटबॉल

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय पूर्वी कमान ने कहा, मणिपुर में फुटबॉल यहां के लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा है.  भारतीय फुटबॉल की कोई भी चर्चा मणिपुर का उल्लेख किए बिना पूरी नहीं हो सकती.मणिपुर के लगभग 80 फुटबॉलर इंडियन सुपर लीग और अन्य शीर्ष घरेलू प्रतियोगिताओं में खेल चुके हैं, जबकि लगभग 20 खिलाड़ियों ने भारतीय टीम का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है.  भौगोलिक रूप से छोटे राज्य का भारतीय फुटबॉल में इतना बड़ा योगदान वास्तव में उल्लेखनीय है.  मणिपुर आकार में भले छोटा हो, लेकिन फुटबॉल के प्रति उसका प्रेम असीमित है.  यह साबित करता है कि खेल की वास्तविक ताकत संख्या या आकार में नहीं, बल्कि जुनून, समर्पण और खेल भावना में होती है. ”

 मणिपुर ने देश का नाम फुटबॉल में रौशन किया

भारतीय फुटबॉल को जितनी निरंतरता और गुणवत्ता के साथ मणिपुर ने प्रतिभाएं दी हैं, उतनी कम ही क्षेत्रों ने दी है. राज्य के कई खिलाड़ियों ने घरेलू फुटबॉल के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचकर देश का प्रतिनिधित्व किया है और मणिपुर को भारतीय फुटबॉल की सबसे समृद्ध प्रतिभा स्थली के रूप में स्थापित किया है. कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने डूरंड कप की 138 वर्ष पुरानी विरासत, खेल उत्कृष्टता, अनुशासन, राष्ट्रीय एकता और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला.

 

लोकटक झील से हरी झंडी दिखा कर किया रवाना

कार्यक्रम के पहले दिन में लोकटक झील के किनारे स्थित मनमोहक सेंद्रा से मणिपुर सरकार के गृह  युवा एवं खेल मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर मणिपुर की समृद्ध खेल विरासत का भी सम्मान किया गया.  भारतीय खेलों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य की कई महान खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया.  इनमें भारोत्तोलन की अर्जुन पुरस्कार, राजीव गांधी खेल रत्न और पद्मश्री सम्मान प्राप्त नामीराकपम कुंजारानी देवी, मुक्केबाजी की अर्जुन पुरस्कार विजेता लैशराम सरिता देवी, तीरंदाजी की अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री सम्मान प्राप्त लैशराम बॉम्बायला देवी,भारत की महानतम महिला फुटबॉलरों में शामिल अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री सम्मान प्राप्त ओइनाम बेमबेम देवी शामिल थीं

मणिपुर की कई स्थानीय टीम ले रही हिस्सा

इस वर्ष के टूर्नामेंट में भी मणिपुर की फुटबॉल परंपरा की मजबूत झलक देखने को मिलेगी.  ग्रुप डी में स्थानीय क्लब ट्राउ एफसी, नेरोका एफसी और पहली बार हिस्सा ले रही एफसी रेंगदाई भारतीय नौसेना फुटबॉल टीम के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे.  28 जुलाई से 12 अगस्त तक खुमान लंपक मुख्य स्टेडियम में ग्रुप चरण के कुल छह मुकाबले खेले जाएंगे, जहां मणिपुर के फुटबॉल प्रेमियों को अपने तीन घरेलू क्लबों को देश के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल मंचों में से एक पर खेलते देखने का अवसर मिलेगा.

21 जुलाई को प्रदर्शनी मैच

21 जुलाई को एसएआई ग्राउंड, इम्फाल में कांगला वॉरियर्स और संगाई स्ट्राइकर्स के बीच महिला प्रदर्शनी फुटबॉल मैच आयोजित किया जाएगा.  इसके बाद 28 जुलाई को उद्घाटन समारोह के साथ इम्फाल में 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप का औपचारिक आगाज़ होगा और मणिपुर एक बार फिर अपने फुटबॉल प्रेम का जश्न मनाने के लिए तैयार होगा. ट्रॉफी टूर का अगला पड़ाव 16 जुलाई को गुवाहाटी होगा, जहां 25 जुलाई से शुरू होने वाले 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है. 135वां इंडियनऑयल डूरंड कप 25 जुलाई से 23 अगस्त, 2026 तक कोलकाता, शिलांग, इम्फाल, गुवाहाटी और रांची में आयोजित किया जाएगा.  टूर्नामेंट के 138 वर्षों के इतिहास में रांची पहली बार मेज़बान शहर बना है.

भारतीय सेना की पूर्वी कमान द्वारा तीनों सेनाओं की ओर से संबंधित राज्य सरकारों के सहयोग से आयोजित डूरंड कप दुनिया की तीसरी सबसे पुरानी जीवित फुटबॉल प्रतियोगिता है.  वर्ष 1888 में शुरू हुई यह प्रतियोगिता आज भी भारत की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिताओं में से एक है और स्थापित खिलाड़ियों, उभरती प्रतिभाओं तथा सर्विसेज़ टीमों को अपनी क्षमता दिखाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है.

 43 टीम लेंगी हिस्सा

135वें संस्करण में श्रीलंकाई सशस्त्र बलों की एक विदेशी टीम सहित कुल 24 टीमें छह विभिन्न मैदानों पर 43 मुकाबलों में हिस्सा लेंगी.  प्रतियोगिता का उद्घाटन 25 जुलाई को विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में मोहुन बागान सुपर जायंट और ईस्ट बंगाल एफसी के बीच ऐतिहासिक कोलकाता डर्बी से होगा, जबकि फाइनल मुकाबला 23 अगस्त, 2026 को इसी मैदान पर खेला जाएगा.

कार्यक्रम में ये रहे शामिल

इस कार्यक्रम में इम्फाल स्थित सिटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भव्य समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय पूर्वी कमान; डॉ. पुनीत कुमार गोयल, आईएएस, मुख्य सचिव, मणिपुर सरकार; श्री कुलदीप सिंह, आईपीएस (सेवानिवृत्त), सुरक्षा सलाहकार, मणिपुर सरकार; श्री मुकेश सिंह, आईपीएस, पुलिस महानिदेशक, मणिपुर; मेजर जनरल शुभंकर बसु, एसएम, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, रेड शील्ड डिवीजन; तथा मेजर जनरल गौरव शर्मा, एससी, एसएम, महानिरीक्षक, असम राइफल्स (दक्षिण) सहित वरिष्ठ नागरिक एवं सैन्य अधिकारी, भाग लेने वाले क्लबों के प्रतिनिधि तथा फुटबॉल जगत से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.