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ASIA CUP में अन्डर-19 टीम के लिए क्या होगी भारत की स्ट्रैटजी, समझिए पूरा समीकरण

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अंडर-19 एशिया कप में भारतीय टीम के सामने खिताब जीतने की चुनौती होगी. युवा खिलाड़ियों से सजी टीम के पास अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मौका है. हालांकि, इस तरह के बड़े टूर्नामेंट में सिर्फ अच्छे खिलाड़ियों का होना काफी नहीं है, बल्कि सही स्‍ट्रैटजी और मैदान पर बैलन्स भी जरूरी होता है. भारत को अगर एशिया कप अपने नाम करना है, तो बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में बैलन्स बनाकर खेलना होगा.

ओपनिंग जोड़ी पर होगी सबसे बड़ी जिम्मेदारी

किसी भी टीम की जीत में मजबूत शुरुआत काफी अहम होती है. ऐसे में भारत को दो ऐसे ओपनर के साथ मैदान पर उतरना चाहिए, जो नई गेंद का सामना करने में सक्षम हों. शुरुआती ओवरों में विकेट बचाने के साथ रन बनाने पर भी ध्यान देना होगा. जरूरत से ज्यादा एटैक्किंग होने के बजाय गेंद के हिसाब से खेलना बेहतर रहेगा. अगर ओपनिंग जोड़ी अच्छी शुरुआत देती है, तो मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों पर दबाव कम होगा.

ऐसा होना चाहिए भारत का बल्लेबाजी क्रम

भारत को तीसरे नंबर पर किसी ऐसे बल्लेबाज को मौका देना चाहिए, जो विकेट गिरने की स्थिति में पारी संभाल सके. चौथे नंबर पर टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज को रखना सही रहेगा. पांचवें और छठे नंबर पर ऐसे खिलाड़ियों को जगह मिलनी चाहिए, जो जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बना सकें. सातवें नंबर पर ऑलराउंडर को मौका दिया जा सकता है, ताकि बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी टीम को विकल्प मिले. निचले क्रम के खिलाड़ियों को भी बल्लेबाजी का अभ्यास होना चाहिए, क्योंकि बड़े मुकाबलों में उनके कुछ रन भी काफी अहम हो सकते हैं.

तेज गेंदबाजों और स्पिनरों का सही तालमेल जरूरी

गेंदबाजी में भारत को तीन तेज गेंदबाज और दो विशेषज्ञ स्पिनरों के साथ उतरने की रणनीति बनानी चाहिए. नई गेंद से तेज गेंदबाजों को विकेट निकालने की कोशिश करनी होगी. वहीं, मिडिल ओवर में स्पिनरों को जिम्मेदारी देकर विरोधी टीम की रन गति पर लगाम लगाई जा सकती है. पिच अगर तेज गेंदबाजों के हिसाब से हो, तो एक एक्स्ट्रा पेसर को मौका दिया जा सकता है.

डेथ ओवर में नहीं होनी चाहिए गलती

आखिरी ओवरों में गेंदबाजों की भूमिका काफी अहम हो जाती है. इस दौरान यॉर्कर, स्लोअर बॉल और सही लाइन-लेंथ का इस्तेमाल करना जरूरी होगा. कप्तान को भी पहले से तय करना चाहिए कि किस गेंदबाज को किस परिस्थिति में गेंद देनी है. सिर्फ विकेट लेने के लिए नहीं, बल्कि रन रोकने के लिए भी योजना बनानी होगी.

पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ अलग रणनीति

पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भारत को खास तैयारी के साथ उतरना होगा. इन मुकाबलों में शुरुआती विकेट लेने और दबाव बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए. बल्लेबाजों को विरोधी टीम के गेंदबाजों के अनुसार अपना खेल बदलना होगा. हालांकि, किसी भी टीम को हल्के में लेना सही नहीं होगा.

कुल मिलाकर, भारत को अंडर-19 एशिया कप में किसी एक खिलाड़ी के भरोसे नहीं रहना चाहिए. हर खिलाड़ी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. अच्छी शुरुआत, मजबूत मिडिल ऑर्डर, अनुशासित गेंदबाजी और चुस्त फील्डिंग के दम पर भारतीय टीम खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ा सकती है.

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