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14 घंटे तक दौड़ता रहा क्रिकेटर, 100 KM बाद मैदान में डाली गेंद, जानिए क्या है इस क्रिकेटर की पूरी कहानी

Diksha Benipuri
Diksha Benipuri
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टीएनपी डेस्क (TNP DESK): क्रिकेट के मैदान पर गेंदबाज का रन-अप आमतौर पर कुछ मीटर या अधिकतम कुछ दर्जन मीटर का होता है. लेकिन इंग्लैंड के सैम बोडियानो ने रन-अप की परिभाषा ही बदल दी. उन्होंने गेंद डालने से पहले करीब 100 किलोमीटर की दूरी दौड़कर पूरी की और इसके बाद क्रिकेट मैदान पर पहुंचकर अपने पिता को मैच की पहली गेंद डाली. करीब 14 घंटे तक चली इस अनोखी दौड़ के जरिए बोडियानो ने एक नया रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की है. उनके इस प्रयास की फिलहाल Guinness World Records की ओर से जांच और पुष्टि की जा रही है.

लॉर्ड्स से शुरू हुआ अनोखा सफर

 सैम बोडियानो ने अपनी चुनौती शनिवार, 29 अगस्त की रात करीब 12 बजे शुरू की. उन्होंने इस ऐतिहासिक दौड़ के लिए लंदन स्थित मशहूर Lord’s Cricket Ground को शुरुआती स्थान चुना. यहां से दौड़ शुरू करने के बाद उन्होंने लगभग 100 किलोमीटर का सफर तय किया और रविवार दोपहर वोकिंग के Valley End Cricket Club पहुंच गए.

इस चुनौती को खास बनाने वाली बात सिर्फ दूरी नहीं थी. बोडियानो ने पूरी यात्रा के दौरान अपने साथ क्रिकेट की गेंद रखी. इतना ही नहीं, उन्होंने दौड़ते वक्त क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक सफेद ड्रेस भी पहन रखी थी. करीब 14 घंटे तक लगातार दौड़ने के बाद जब वह मैदान पर पहुंचे, तब भी उनका मकसद पूरा होना बाकी था.

मैदान पर पहुंचते ही उन्होंने अपने पिता को मैच की पहली गेंद डालकर अपनी इस अनोखी चुनौती को पूरा किया. इस तरह क्रिकेट के सामान्य बॉलिंग रन-अप को उन्होंने लगभग 100 किलोमीटर की अल्ट्रा रनिंग चुनौती में बदल दिया.

रिकॉर्ड के साथ कैंसर मरीजों की मदद का भी मकसद

सैम बोडियानो की इस कोशिश का उद्देश्य सिर्फ अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराना नहीं था. इस पूरी चुनौती के पीछे एक सामाजिक उद्देश्य भी जुड़ा हुआ था. उन्होंने कैंसर से प्रभावित लोगों की मदद के लिए इस अभियान के जरिए धन जुटाया.

बोडियानो ने इस पहल से करीब 6,000 पाउंड की रकम जुटाई है. यह राशि The Ruth Strauss Foundation को दी जाएगी. इस संस्था की स्थापना इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट कप्तान Andrew Strauss ने अपनी पत्नी Ruth Strauss की याद में की थी.

रूथ स्ट्रॉस का 46 वर्ष की उम्र में फेफड़ों के एक दुर्लभ प्रकार के कैंसर के कारण निधन हो गया था. इसी वजह से संस्था कैंसर से जुड़े लोगों और उनके परिवारों की सहायता के लिए काम करती है. बोडियानो की चुनौती ने खेल और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ दिया.

14 घंटे की दौड़ के बाद भी डाली गेंद

इतनी लंबी दूरी दौड़ने के बाद किसी व्यक्ति का थक जाना स्वाभाविक है. बोडियानो ने भी चुनौती पूरी करने के बाद अपनी थकान का जिक्र किया. उन्होंने माना कि वह काफी थक चुके थे और उनकी नींद भी पूरी नहीं हुई थी. इसके बावजूद उन्होंने इस पूरी कोशिश को एक अच्छे उद्देश्य के लिए महत्वपूर्ण बताया.

उनकी चुनौती का सबसे दिलचस्प हिस्सा यही रहा कि 100 किलोमीटर दौड़ने के बाद उन्हें सिर्फ फिनिश लाइन पार नहीं करनी थी, बल्कि क्रिकेट मैच में गेंदबाजी भी करनी थी. उन्होंने मैदान पर पहुंचकर अपने पिता को पहली गेंद डालकर यह शर्त भी पूरी कर दी.

 

क्या बनेगा सबसे लंबे बॉलिंग रन-अप का रिकॉर्ड?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सैम बोडियानो का नाम Guinness World Records में दर्ज होगा? अगर उनका प्रयास आधिकारिक रूप से मंजूर हो जाता है, तो वह क्रिकेट में सबसे लंबे बॉलिंग रन-अप का पुरुष रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं.

फिलहाल इस रिकॉर्ड से जुड़े प्रयास में Tom Dunn का नाम सामने आता है. अगस्त 2024 में उन्होंने करीब 24 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद गेंदबाजी की थी. बोडियानो ने इस दूरी से कई गुना ज्यादा यानी करीब 100 किलोमीटर दौड़कर नया दावा पेश किया है.

हालांकि, सिर्फ 100 किलोमीटर दौड़ लेना रिकॉर्ड के लिए पर्याप्त नहीं है. इस चुनौती के लिए तय नियमों के तहत बोडियानो को क्रिकेट की गेंद अपने साथ रखनी थी, पूरी दौड़ के दौरान क्रिकेट की सफेद पोशाक पहननी थी और दूरी पूरी करने के बाद मैच में गेंद डालनी थी. उन्होंने इन शर्तों को पूरा करने का दावा किया है.

Guinness World Records करेगा आधिकारिक जांच

बोडियानो की कोशिश को अभी आधिकारिक Guinness World Record नहीं माना गया है. रिकॉर्ड संस्था की ओर से उनके द्वारा जमा किए गए सबूतों की जांच की जाएगी. इसके बाद ही यह तय होगा कि उनका प्रयास सभी निर्धारित नियमों पर खरा उतरता है या नहीं.

बताया गया है कि रिकॉर्ड के दावे की समीक्षा और सत्यापन में करीब दो सप्ताह तक का समय लग सकता है. अगर जांच के बाद उनका दावा स्वीकार कर लिया जाता है, तो सैम बोडियानो क्रिकेट इतिहास में सबसे लंबे बॉलिंग रन-अप का अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं.

100 किलोमीटर की दौड़, उसके बाद क्रिकेट मैदान पर गेंदबाजी और साथ में कैंसर मरीजों के लिए फंड जुटाने की पहल ने बोडियानो की इस कोशिश को सामान्य रिकॉर्ड प्रयास से कहीं ज्यादा खास बना दिया है.

 

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