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एशियन गेम्स 2026: जानिए किन खेलों में भारत को मिल सकता है मेडल, इन खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी नजरें

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 का आगाज हो चुका है. इस बार भी भारतीय खिलाड़ियों से बड़ी संख्या में मेडल की उम्मीद है. पिछले एशियन गेम्स में भारत ने 100 से ज्यादा मेडल जीतकर नया इतिहास बनाया था. ऐसे में इस बार भी नजर इस बात पर रहेगी कि भारतीय खिलाड़ी अपने पिछले प्रदर्शन को कितना आगे ले जाते हैं.

भारत कई ऐसे खेलों में उतर रहा है, जहां उसके खिलाड़ी पिछले कुछ वर्षों में एशियाई ही नहीं, बल्कि वर्ल्ड और ओलिंपिक स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन करते आए हैं. एथलेटिक्स, शूटिंग, आर्चरी, हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन, स्क्वॉश, कबड्डी और क्रिकेट जैसे खेल भारत के लिए खास रहने वाले हैं. आइए जानते हैं कि किन खेलों में भारत की मेडल की संभावनाएं मजबूत नजर आ रही हैं.

एथलेटिक्स में मिल सकते हैं कई मेडल

भारत के लिए एशियन गेम्स में एथलेटिक्स हमेशा से सबसे अहम खेलों में रहा है. इस बार भी ट्रैक और फील्ड के कई इवेंट में भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे. लंबी दूरी की दौड़, स्टीपलचेज, लॉन्ग जंप और थ्रो इवेंट में भारत के पास अच्छे खिलाड़ी हैं.

अविनाश साबले पर खास नजर रहेगी. वह पिछले एशियन गेम्स में 3000 मीटर स्टीपलचेज में गोल्ड जीत चुके हैं. गुलवीर सिंह लंबी दूरी की दौड़ में भारत की उम्मीद हैं. वहीं लॉन्ग जंप में अंसी सोजन जैसे खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. एथलेटिक्स में इवेंट की संख्या ज्यादा होने के कारण भारत के पास यहां एक से अधिक मेडल जीतने के मौके रहेंगे.

शूटिंग फिर बन सकती है भारत की ताकत

शूटिंग में भारत के पास युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है. भारतीय निशानेबाज पिछले कुछ वर्षों से इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में लगातार मेडल जीतते रहे हैं. एशियन गेम्स में भी राइफल, पिस्टल और शॉटगन के अलग-अलग इवेंट होंगे.

ईशा सिंह जैसे खिलाड़ियों पर नजर रहेगी. इसके अलावा पुरुष और महिला टीम इवेंट भी भारत के लिए अहम होंगे. व्यक्तिगत इवेंट के साथ टीम और मिक्स्ड इवेंट होने की वजह से शूटिंग भारत की मेडल संख्या बढ़ाने वाले खेलों में शामिल हो सकती है.

आर्चरी में कंपाउंड टीम से बड़ी उम्मीद

तीरंदाजी में भारत की कंपाउंड टीम पिछले कुछ समय से शानदार प्रदर्शन करती रही है. ज्योति सुरेखा वेन्नम भारतीय टीम के बड़े नामों में शामिल हैं. वह पिछले एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं.

कंपाउंड के अलावा रिकर्व आर्चरी में भी भारतीय खिलाड़ियों के पास मेडल जीतने का मौका रहेगा. हालांकि दक्षिण कोरिया, जापान और चीन जैसे देशों के मजबूत खिलाड़ियों के सामने मुकाबला आसान नहीं रहने वाला है.

हॉकी में पुरुष और महिला टीम पर नजर

हॉकी भारत के लिए एशियन गेम्स का बेहद महत्वपूर्ण खेल है. पुरुष टीम पिछले कई वर्षों से दुनिया की मजबूत टीमों में शामिल रही है. वहीं महिला टीम भी एशियाई स्तर पर लगातार चुनौती पेश करती रही है.

इस बार हॉकी की अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि एशियन गेम्स का प्रदर्शन लॉस एंजेलिस 2028 ओलिंपिक की क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से जुड़ा है. ऐसे में भारतीय टीम के सामने मेडल के साथ आगे की राह मजबूत करने का भी मौका रहेगा.

कुश्ती में युवा पहलवानों से उम्मीद

एशियन गेम्स में कुश्ती भी भारत के मजबूत खेलों में शामिल रही है. फ्रीस्टाइल और महिला कुश्ती में भारतीय पहलवान मेडल के दावेदारों के बीच रह सकते हैं. अमन सहरावत जैसे ओलिंपिक मेडल विजेता पहलवान पर खास नजर रहेगी.

महिला वर्ग में भी भारत के पास कई मजबूत पहलवान हैं. हालांकि ईरान, जापान, चीन, कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे देशों के खिलाड़ियों से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है.

बैडमिंटन और स्क्वॉश में भी उम्मीद

बैडमिंटन में एशियाई खिलाड़ियों का दबदबा होने के कारण मुकाबला काफी मुश्किल रहता है. इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ी पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के बड़े टूर्नामेंट में अपनी जगह बना चुके हैं. पुरुष सिंगल्स, डबल्स और टीम इवेंट में भारत मेडल की दौड़ में रह सकता है.

स्क्वॉश में अनाहत सिंह पर भी नजर रहेगी. भारत पुरुष और महिला दोनों वर्गों में चुनौती पेश करेगा. सिंगल्स के साथ टीम और मिक्स्ड डबल्स इवेंट होने से भारत के पास यहां अलग-अलग मेडल जीतने के मौके होंगे.

कबड्डी और क्रिकेट में भी भारत मजबूत

कबड्डी में भारत एशिया की बड़ी ताकतों में शामिल है. पुरुष और महिला दोनों टीमों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी. ईरान जैसी टीमों की मौजूदगी मुकाबले को मुश्किल जरूर बनाएगी, लेकिन भारत मेडल की दौड़ में बना रह सकता है.

क्रिकेट में भी भारत पुरुष और महिला दोनों वर्गों में उतरेगा. मुकाबले टी20 फॉर्मेट में खेले जाएंगे. एशियाई क्रिकेट में भारत की मजबूत स्थिति को देखते हुए दोनों टीमों पर नजर रहेगी.

इनके अलावा वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, रोइंग और कुछ अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी मेडल की चुनौती पेश कर सकते हैं. कुल मिलाकर एथलेटिक्स और शूटिंग जैसे ज्यादा इवेंट वाले खेल भारत की मेडल संख्या के लिए बेहद अहम होंगे, जबकि हॉकी, कबड्डी और क्रिकेट जैसे टीम खेलों में हर मेडल के लिए लंबा सफर तय करना होगा. अब मैदान पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही तय करेगा कि भारत इस बार अपने पिछले एशियन गेम्स के प्रदर्शन को कितना आगे ले जा पाता है.

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