टीएनपी डेस्क (TNP DESK): वनडे क्रिकेट में हर दौर में ऐसे खिलाड़ी आए हैं, जिन्होंने अपने खेल से नए रिकॉर्ड बनाए. कुछ रिकॉर्ड समय के साथ टूट गए, तो कुछ आज भी क्रिकेट की किताबों में मजबूती से दर्ज हैं. जैसे-जैसे क्रिकेट तेज हुआ है और खिलाड़ियों की फिटनेस बेहतर हुई है, वैसे-वैसे नए रिकॉर्ड बनना भी आम बात हो गई है. लेकिन कुछ ऐसे रिकॉर्ड हैं, जिन तक पहुंचना ही किसी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होगी. आइए जानते हैं वनडे क्रिकेट के 5 ऐसे रिकॉर्ड, जिन्हें तोड़ना बेहद मुश्किल माना जाता है.
रोहित शर्मा की 264 रन की पारी
वनडे क्रिकेट में एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा के नाम है. उन्होंने 2014 में श्रीलंका के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 264 रन की तूफानी पारी खेली थी. रोहित ने इस पारी में 33 चौके और 9 छक्के लगाए थे. उनकी इस पारी के बाद वनडे में किसी बल्लेबाज का 250 रन के आंकड़े को पार करना भी देखने को नहीं मिला. यही वजह है कि यह रिकॉर्ड लंबे समय तक चुनौती बना हुआ है.
वनडे में सबसे ज्यादा शतक का रिकॉर्ड
सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर में 49 शतक लगाए. लंबे समय तक यह रिकॉर्ड दुनिया के सबसे बड़े बल्लेबाजों के लिए भी चुनौती बना रहा. बाद में विराट कोहली ने सचिन के इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए वनडे में 50 शतक पूरे किए. अब विराट के नाम वनडे में सबसे ज्यादा शतक हैं. लगातार इतने लंबे समय तक एकदिवसीय क्रिकेट में शतकों का सिलसिला बनाए रखना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा.
मुथैया मुरलीधरन के 534 वनडे विकेट
श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने वनडे क्रिकेट में 350 मैच खेले और 534 विकेट अपने नाम किए. उन्होंने अपने करियर में लगातार विकेट लेने की ऐसी क्षमता दिखाई, जो आज के दौर में बेहद मुश्किल नजर आती है. वनडे क्रिकेट में गेंदबाजों को सीमित ओवरों में कम मौके मिलते हैं, इसलिए 500 से ज्यादा विकेट तक पहुंचना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है.
सनथ जयसूर्या का 13,000 से ज्यादा रन और 300 से अधिक विकेट
श्रीलंका के पूर्व ऑलराउंडर सनथ जयसूर्या वनडे क्रिकेट के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से लंबे समय तक योगदान दिया. उन्होंने वनडे में 13 हजार से ज्यादा रन बनाए और 300 से ज्यादा विकेट भी लिए. एक ही फॉर्मेट में इतने बड़े आंकड़े तक पहुंचना किसी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं है. आज के क्रिकेट में विशेषज्ञ बल्लेबाज और गेंदबाजों की भूमिका अलग-अलग होने के कारण जयसूर्या जैसा रिकॉर्ड और भी खास बन जाता है.
शाहिद अफरीदी के 37 गेंदों में शतक
पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी ने 2014 से पहले वनडे क्रिकेट का सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. उन्होंने 1996 में श्रीलंका के खिलाफ सिर्फ 37 गेंदों में शतक जड़ा था. उस दौर में ऐसा प्रदर्शन लगभग अविश्वसनीय माना गया था. बाद में यह रिकॉर्ड टूट गया, लेकिन अफरीदी की वह पारी आज भी वनडे क्रिकेट की सबसे चर्चित तेज पारियों में गिनी जाती है.
रिकॉर्ड टूटते हैं, लेकिन कुछ आंकड़े बन जाते हैं मिसाल
क्रिकेट में कोई भी रिकॉर्ड हमेशा के लिए नहीं होता. समय के साथ तकनीक, फिटनेस, बल्लेबाजी के तरीके और खेल की रणनीति बदलती रहती है. इसके बावजूद कुछ रिकॉर्ड ऐसे हैं, जिन्हें हासिल करने के लिए सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि लंबे समय तक लगातार शानदार प्रदर्शन की जरूरत होती है. यही वजह है कि इन रिकॉर्ड्स को वनडे क्रिकेट के सबसे खास आंकड़ों में गिना जाता है.