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CWG 2026: भारत ने लहराया परचम, चौथे दिन आए गोल्ड और सिल्वर

Saumya Shukla
Senior News Publisher • TheNewsPost.in
CWG 2026: भारत ने लहराया परचम, चौथे दिन आए गोल्ड और सिल्वर

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. चौथे दिन भारतीय वेटलिफ्टर्स ने दमदार खेल दिखाते हुए देश की झोली में एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल डाले. महिलाओं की 48 किलोग्राम भारवर्ग में स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने गोल्ड मेडल जीतकर भारत को इस संस्करण का पहला स्वर्ण पदक दिलाया. वहीं पुरुषों की 60 किलोग्राम स्पर्धा में ऋषिकांत सिंह और 65 किलोग्राम वर्ग में राजा मुथुपांडी ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया. इससे पहले झंडू कुमार पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज जीत चुके हैं. अब तक भारत के खाते में 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज समेत कुल चार पदक हो चुके हैं.

मीराबाई ने फिर बढ़ाया देश का मान

बड़े टूर्नामेंट में जब भी भारत को पदक की उम्मीद होती है, मीराबाई चानू अक्सर उस भरोसे पर खरी उतरती हैं. ग्लासगो में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 190 किलोग्राम वजन उठाया. उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

इस जीत के साथ मीराबाई ने लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का कारनामा किया है. इससे पहले वह गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में भी गोल्ड जीत चुकी हैं. वहीं ग्लासगो 2014 में उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया था. लगातार चार कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतना उनकी शानदार निरंतरता को दिखाता है.

दबाव में भी नहीं टूटा आत्मविश्वास

मुकाबले की शुरुआत मीराबाई के लिए चुनौतीपूर्ण रही. स्नैच के पहले प्रयास में वह वजन नहीं उठा सकीं, लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की. दूसरे और तीसरे प्रयास में सफल लिफ्ट के साथ उन्होंने 85 किलोग्राम वजन उठाया और नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. क्लीन एंड जर्क में भी पहले प्रयास में चूकने के बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 105 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड पक्का कर दिया.

ऋषिकांत और राजा ने भी दिलाई खुशी

भारत के लिए चौथा दिन सिर्फ मीराबाई के नाम नहीं रहा. पुरुषों की 60 किलोग्राम स्पर्धा में ऋषिकांत सिंह ने कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता. वहीं 65 किलोग्राम वर्ग में राजा मुथुपांडी ने कुल 286 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा सिल्वर भारत की झोली मंक डाला.

ऋषिकांत लंबे समय से भारतीय वेटलिफ्टिंग का अहम चेहरा रहे हैं. दूसरी ओर राजा मुथुपांडी की यह जीत उनके संघर्ष की कहानी भी बयां करती है. साल 2019 में गंभीर चोट और उसके बाद लंबे समय तक प्रतियोगिताओं से दूर रहने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने भारतीय टीम में वापसी की और अब कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी वापसी को यादगार बना दिया.

वेटलिफ्टिंग से बढ़ीं भारत की उम्मीदें

कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग हमेशा भारत का मजबूत खेल रहा है और इस बार भी खिलाड़ी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. बर्मिंघम 2022 में भारतीय वेटलिफ्टर्स ने 10 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था. ग्लासगो में भी टीम ने मजबूत शुरुआत की है और अभी कई मुकाबले बाकी हैं.

चार पदकों के साथ भारत की शुरुआत उत्साह बढ़ाने वाली रही है. आने वाले दिनों में कई और भारतीय खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि भारत की मेडल टैली में और इजाफा होगा और वेटलिफ्टिंग एक बार फिर देश के लिए सबसे सफल खेलों में शामिल रहेगा.