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14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, IPL में 52 छक्कों का नया कीर्तिमान

Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर
14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, IPL में 52 छक्कों का नया कीर्तिमान

TNPSPORTS: भारतीय क्रिकेट में एक नया सितारा उभर चुका है.  मात्र 14 साल की उम्र में युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi ने IPL के एक ही सीजन में 52 छक्के लगाकर ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसे अब तक विराट कोहली, रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी नहीं बना सके.

वैभव ने अपने दूसरे ही सीजन में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया.  भारतीय क्रिकेट इतिहास में किसी भी बल्लेबाज ने IPL के एक सीजन में 50 से ज्यादा छक्के नहीं लगाए थे, लेकिन इस युवा खिलाड़ी ने असंभव को संभव बना दिया.

आज लखनऊ के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला एक बार फिर जमकर बोला.  जैसे ही वह क्रीज पर उतरे, पूरे स्टेडियम में उत्साह की लहर दौड़ गई.  कप्तान Rishabh Pant ने लगभग सभी फील्डरों को बाउंड्री लाइन पर तैनात कर दिया, लेकिन इसके बावजूद गेंद लगातार स्टैंड में जाकर गिरती रही.

कभी लॉन्ग ऑन, कभी मिडविकेट तो कभी एक्स्ट्रा कवर — वैभव ने मैदान के हर कोने में छक्कों की बारिश कर दी.  उनकी बल्लेबाजी देखकर विरोधी टीम पूरी तरह दबाव में नजर आई.

सबसे बड़ी बात यह है कि वैभव अब महान बल्लेबाज Chris Gayle के विश्व रिकॉर्ड से सिर्फ 7 छक्के पीछे हैं.  क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सीजन थोड़ा और लंबा होता, तो शायद दुनिया का सबसे बड़ा रिकॉर्ड भी टूट जाता.  हालांकि वैभव के पास अभी भी एक मुकाबला बाकी है और वह अगले मैच में इतिहास रच सकते हैं.

वैभव की ताकत सिर्फ उनके शॉट्स में नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी दिखाई देती है.  उनके बल्ले में ऐसी आग है, जो हर गेंदबाज की रणनीति को नाकाम कर देती है.  यॉर्कर, बाउंसर या धीमी गेंद — हर तरह की गेंद का जवाब उन्होंने छक्के से दिया.

जब वैभव ने अपना 50वां छक्का लगाया, पूरा स्टेडियम “वैभव… वैभव…” के नारों से गूंज उठा.  कॉमेंटेटर अपनी सीटों से खड़े हो गए, पूर्व खिलाड़ी हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर सिर्फ एक ही नाम ट्रेंड करने लगा — वैभव सूर्यवंशी.

52वां छक्का लगाते ही ड्रेसिंग रूम तालियों से गूंज उठा.  साथी खिलाड़ियों ने उनका हौसला बढ़ाया, जबकि विरोधी टीम के खिलाड़ियों और मालिकों ने भी खड़े होकर उनके खेल की सराहना की.  करोड़ों भारतीयों को ऐसा लगा मानो उन्होंने भारतीय क्रिकेट का नया युग देख लिया हो.

वैभव की बल्लेबाजी में सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि शानदार टाइमिंग भी है.  वह गेंद को इतनी सफाई से हिट करते हैं कि कई बार फील्डर सिर्फ गेंद को आसमान में जाते हुए देखते रह जाते हैं.

यह सीजन वैभव सूर्यवंशी के लिए हमेशा यादगार रहेगा.  कई बल्लेबाज 40 या 45 छक्कों तक पहुंचे, लेकिन 50 छक्कों का आंकड़ा पार करना अब तक असंभव माना जाता था.  वैभव ने उस मिथक को तोड़ दिया.

क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि रिकॉर्ड सिर्फ बड़े होने से महान नहीं बनते, बल्कि इसलिए महान बनते हैं क्योंकि उन्हें तोड़ने की कोई कल्पना भी नहीं करता.  वैभव सूर्यवंशी ने दुनिया को दिखा दिया कि रिकॉर्ड किताबों में नहीं, जुनून और मेहनत से बनते हैं.

आने वाले वर्षों में जब क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों की चर्चा होगी, तो वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे ऊपर लिया जाएगा.